“मुद्दाविहीन कांग्रेस फैला रही भ्रम, जनहितकारी योजनाओं का कर रही विरोध: वीबी जी-राम-जी अधिनियम पर डॉ. विजयशंकर मिश्रा का करारा हमला”






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज कांग्रेस के पास न तो कोई जनहितकारी मुद्दा बचा है और न ही कोई सकारात्मक दृष्टि, इसलिए वह केंद्र सरकार की गरीब, किसान और मजदूर हितैषी योजनाओं का विरोध कर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि वीबी जी-राम-जी योजना के नाम पर कांग्रेस केवल राजनीतिक कुंठा निकाल रही है और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता को गुमराह कर रही है।
छत्तीसगढ़ में ‘विकसित भारत – जी राम जी अधिनियम 2025’ को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के बयान पर पलटवार करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को जनहितकारी योजनाओं पर झूठ फैलाने के बजाय अब “कांग्रेस बचाओ अभियान” चलाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता अब कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को समझ चुकी है और बार-बार ऐसे हथकंडे अब सफल नहीं होने वाले।
ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है वीबी जी-राम-जी अधिनियम
गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने वीबी – जी राम जी योजना को ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ अब पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगा और इसे और अधिक पारदर्शी, प्रभावी व परिणामोन्मुखी बनाया गया है।
100 से 125 दिन रोजगार, आय में होगी बड़ी बढ़ोतरी
डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
इस कानून के तहत—
✔️ ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है
✔️ इससे ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी
उन्होंने कहा कि यह निर्णय गरीब और मजदूर वर्ग के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।
7 दिन में मजदूरी भुगतान, देरी पर मुआवजा
मजदूरों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस अधिनियम में यह प्रावधान किया गया है कि—
➡️ मजदूरी का भुगतान अब 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा
➡️ यदि भुगतान में देरी होती है, तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि दी जाएगी
डॉ. मिश्रा ने कहा कि इससे श्रमिकों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा, भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और बिचौलियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
खेती प्रभावित न हो, इसलिए 60 दिन तक कार्य स्थगन का प्रावधान
किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अधिनियम में यह महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है कि—
✔️ बुवाई और कटाई जैसे प्रमुख कृषि सीजन के दौरान
✔️ राज्य सरकार इस योजना के अंतर्गत कार्यों को 60 दिनों तक स्थगित कर सकेगी
इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक मिलेंगे और कृषि उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
गांवों में चार प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
डॉ. मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत – जी राम जी अधिनियम के तहत गांवों में—
➡️ जल सुरक्षा,
➡️ ग्रामीण अधोसंरचना,
➡️ जलवायु सुरक्षा,
➡️ कौशल विकास
जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसमें पीएम गति शक्ति योजना के सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है, जिससे सड़क, पानी और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बेहतर समन्वय होगा और सरकारी संसाधनों की बर्बादी रुकेगी।
फर्जी मस्टर रोल पर रोक, महिलाओं को मिलेगा सशक्तिकरण
डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह अधिनियम—
❌ फर्जी मस्टर रोल,
❌ मशीनों के अवैध उपयोग
जैसी शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकेगी, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के नए अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएगी।
कांग्रेस पर अंतिम तंज
डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस चाहे जितना भ्रम फैलाने का प्रयास करे, लेकिन सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की नीतियां गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब विकास और भ्रम में फर्क करना जानती है और आने वाले समय में कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह खारिज कर देगी।





