कड़ाके की ठंड में मानवता की ढाल बना मानव सेवा मिशन: रात्रिकालीन कंबल वितरण अभियान के छठवें चरण में बेघर-बेसहारा लोगों को मिली संजीवनी






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट के चलते सबसे अधिक परेशानी बेघर, बेसहारा एवं घुमंतू लोगों को उठानी पड़ रही है, जिनके पास न तो सिर छिपाने की व्यवस्था है और न ही ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन। ऐसी विषम परिस्थितियों में मानवता और करुणा की सशक्त मिसाल पेश करते हुए मानव सेवा मिशन, बालको द्वारा रात्रिकालीन कंबल वितरण अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है, जो जरूरतमंदों के लिए राहत की ढाल बनकर सामने आया है।

इसी क्रम में कल रात्रि मानव सेवा मिशन की टीम ने अपने कंबल वितरण अभियान के छठवें चरण को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस दौरान टीम ने कोरबा रेलवे स्टेशन, निहारिका रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर ठंड से कांप रहे जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। देर रात तक चले इस अभियान में टीम के सदस्यों ने स्वयं जाकर जरूरतमंदों की पहचान की और उन्हें ठंड से बचाव के लिए कंबल प्रदान किए, जिससे उनके चेहरों पर राहत और संतोष साफ दिखाई दिया।
मानव सेवा मिशन का यह सेवा अभियान केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना, आपसी सहयोग की भावना को जागृत करना और संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़े होने का संदेश देना है। संस्था द्वारा यह सेवा कार्य बीते कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है और मिशन ने आने वाले समय में भी इस मानवीय सेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है।

इस पुनीत सेवा कार्य में मानव सेवा मिशन के समर्पित सदस्यों केशव चन्द्रा, अमर पटेल, राजेश धीवर, अशोक पटेल, दिनेश पृथ्वीकर, क्रांति सोनी, लिलेश्वर शर्मा एवं पीतम लाल सोमनकर की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। विशेष बात यह है कि मानव सेवा मिशन के सभी सदस्य बालको संयंत्र में कार्यरत हैं। वे अपने संयंत्र संबंधी दायित्वों का निर्वहन करने के पश्चात रात्रि में समय निकालकर समाज सेवा में जुटते हैं। पिछले छः वर्षों से यह टीम लगातार निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा कर रही है, जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मानव सेवा मिशन के सदस्यों द्वारा किए जा रहे इन निरंतर सेवा प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें बिना किसी स्वार्थ के मानव पीड़ा को कम करने का प्रयास किया जाए। संस्था ने इस अवसर पर आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस मानवीय पहल में आगे आएं, सहयोग करें और ठंड से पीड़ित बेघर एवं बेसहारा लोगों की सहायता कर इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें।





