अमेजन इंडिया को बड़ा झटका: उपभोक्ता फोरम ने नया लैपटॉप देने या ₹55,071 लौटाने का दिया आदेश, अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह की सशक्त पैरवी से पीड़ित को न्याय
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/कोरबा शीर्ष ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया के विरुद्ध माननीय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, कोरबा ने एक महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। फोरम ने अमेजन को आदेशित किया है कि वह पीड़ित ग्राहक को उसी मॉडल का नया लैपटॉप उपलब्ध कराए अथवा उसके समतुल्य ₹55,071/- (पचपन हजार इकहत्तर रुपये मात्र) की राशि 45 दिवस के भीतर अदा करे। यह आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को पारित किया गया।
प्रकरण के अनुसार, शिकायतकर्ता इशांक यश गौतम, पिता श्री अनिल कुमार गौतम, निवासी बी-26, पावर सिटी जमनीपाली, तहसील दर्री, जिला कोरबा द्वारा दिनांक 13 अक्टूबर 2024 को अमेजन इंडिया के माध्यम से HP 15 Core i5 13th Gen (16GB RAM / 512GB SSD / FHD / Windows 11 / MS Office / Backlit Keyboard / 15.6 इंच / सिल्वर / 1.59 किलोग्राम, मॉडल fd0316T) लैपटॉप ऑनलाइन ऑर्डर किया गया था, जिसकी कीमत ₹55,071/- थी।
कंपनी के स्टाफ द्वारा डिलीवर किए गए पैकेट को खोलने पर शिकायतकर्ता को ऑर्डर की गई सामग्री के स्थान पर अन्य कंपनी का टूटा-फूटा लैपटॉप प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अनुनय-विनय और शिकायत करने के बावजूद भी अमेजन द्वारा न तो उक्त दोषपूर्ण लैपटॉप को बदला गया और न ही ऑर्डर किया गया लैपटॉप उपलब्ध कराया गया।
कंपनी की इस उपेक्षापूर्ण और उपभोक्ता विरोधी कार्यप्रणाली से आहत होकर शिकायतकर्ता ने दिनांक 20 जुलाई 2025 को माननीय जिला उपभोक्ता फोरम, कोरबा में परिवाद प्रस्तुत किया। परिवाद में दोषपूर्ण लैपटॉप वापस लेने, भुगतान की गई राशि की वापसी, मानसिक पीड़ा, अमूल्य समय की क्षति तथा अधिवक्ता शुल्क एवं वाद व्यय की प्रतिपूर्ति की मांग की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री धनेश कुमार सिंह ने उपभोक्ता के अधिकारों को सर्वोपरि रखते हुए प्रभावशाली पैरवी की। उन्होंने फोरम के समक्ष परीक्षित साक्ष्य एवं ठोस दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अमेजन इंडिया द्वारा गंभीर लापरवाही और सेवा में कमी की गई है।
सभी तथ्यों, साक्ष्यों एवं तर्कों पर विचार करते हुए माननीय उपभोक्ता फोरम ने अपने निर्णय दिनांक 31.10.2025 में शिकायत को पूर्णतः सही पाते हुए अमेजन इंडिया के विरुद्ध आदेश पारित किया।
इस निर्णय को ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए कड़ा संदेश और उपभोक्ता अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह की सशक्त और प्रभावी पैरवी से पीड़ित उपभोक्ता को न्याय मिलने पर विधिक क्षेत्र में भी सराहना की जा रही है।


