जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा बैठक संपन्न — विभागीय कार्यों, जनहित योजनाओं व विकास कार्यों की हुई व्यापक समीक्षा


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक आज छत्तीसगढ़ पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 44 के अंतर्गत जिला पंचायत सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आबकारी विभाग सहित अनेक विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
सदन में केम्पा मद से संचालित निर्माण कार्यों पर भी चर्चा की गई, जिनकी गति और गुणवत्ता को लेकर सुझाव और निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनसुविधा से संबंधित मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
सदस्यों ने ग्रामीण अंचलों से जुड़े शिक्षा, सड़क निर्माण, वन विभाग के कार्यों, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुविधाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में अवैध मदिरा विक्रय को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. सिंह एवं अन्य सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब विक्रय समाज के लिए हानिकारक है, इस पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में आबकारी विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा रजक, श्रीमती माया कंवर, श्रीमती शांति मरावी, विद्वान सिंह मरकाम, कौशल सिंह नेटी, रज्जाक अली, सहायक परियोजना अधिकारी मोहनीश देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का समापन विकास कार्यों की निरंतर निगरानी, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण अंचलों में जनहित योजनाओं के अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ किया गया।

