एसईसीएल दीपका की मनमानी के खिलाफ फूटा जनसागर — हरदीबाजार में उग्र जनजागरण रैली, “हक दो या हटो” के नारों से दहला पूरा इलाका!



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **** हरदीबाजार // कोरबा
एसईसीएल दीपका प्रबंधन की कथित तानाशाही और जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सहमति के बिना जबरन किए जा रहे नापी-सर्वे के विरोध में आज हरदीबाजार में ऐतिहासिक जनविस्फोट देखने को मिला। शुक्रवार दोपहर 2 बजे कालेज चौक से उठी यह विशाल जनजागरण रैली पूरे क्षेत्र में विरोध की ज्वाला बनकर फैल गई।
रैली ने कालेज चौक से निकलकर पुराना दीपका रोड, शांतिनगर, शिक्षक नगर, उतरदा रोड, गांधी नगर, मेन रोड, बस स्टैंड और अस्पताल मोहल्ले तक अपना रास्ता तय किया। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने “एसईसीएल होश में आओ”, “हक दो या हटो”, “जबरन नापी सर्वे बंद करो”, “हमारा अधिकार हमें दो” जैसे गगनभेदी नारे लगाते हुए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को खुली चेतावनी दी।

ग्रामवासियों का कहना था कि वे अपने अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा — “जब तक हमारी सभी मांगों पर लिखित सहमति नहीं दी जाती, तब तक कोई भी सर्वे या ड्रोन कार्य नहीं होने देंगे। यह हमारी धरती है, हमारा हक है, और हम इसे छिनने नहीं देंगे।”
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन और जिला प्रशासन ने बिना अनुमति और पूर्व सूचना के जबरन मकानों की नापी शुरू कर दी है। 26 अगस्त 2024 को हुआ ड्रोन सर्वे पूरी तरह अवैध बताया गया और लोगों ने इसे निजता का खुला उल्लंघन कहा।
✊ ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
बसाहट स्थल उतरदा जयंती नगर की बजाय बाईपास के समीप उचित स्थान पर दिया जाए।
2004 से 2010 के बीच जन्मे बच्चों को नौकरी की पात्रता सूची में शामिल किया जाए।
पत्रक 5-6 का शीघ्र मिलान कर सत्यापित प्रति ग्रामीणों को दी जाए।
2004–2010 अधिग्रहण में पहले नौकरी, मुआवजा व बसाहट के संपूर्ण लाभ दिए जाएं, उसके बाद ही 2022 अधिग्रहण लागू किया जाए।
रजिस्टर्ड जमीनों के मकानों को 100% मुआवजा और सोलशियम सहित भुगतान किया जाए।
ड्रोन सर्वे को तत्काल बंद किया जाए और बिना सहमति किसी भी प्रकार का सर्वे नहीं हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, एसईसीएल का कोई भी अधिकारी क्षेत्र में कदम नहीं रख पाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र रूप लेगा।
इस उग्र रैली में सरपंच लोकेश्वर कंवर, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, विधायक प्रतिनिधि नरेश टंडन, उपसरपंच रेखा जायसवाल, भाजपा जिला मंत्री अजय दुबे, पूर्व सरपंच युवराज सिंह कंवर, राजेश जायसवाल, राजेन्द्र जगत, संसद प्रतिनिधि दिलीप राठौर, विरेंद्र राठौर, संतोष श्रीवास, मनमोहन खांडे, ममता ओग्रे, राजाराम राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए।
जनसैलाब के इस दृश्य ने पूरे हरदीबाजार क्षेत्र को आंदोलित कर दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा —
“अब नहीं झुकेंगे, अब नहीं रुकेंगे — यह संघर्ष हमारी माटी, हमारी अस्मिता और हमारे भविष्य का है।”
हरदीबाजार की यह रैली अब ग्रामीण एकता और जनसंघर्ष का प्रतीक बन चुकी है, जिसने एसईसीएल दीपका प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ एकजुटता, स्वाभिमान और प्रतिरोध का नया इतिहास रच दिया है।


