फिर दर्द का सबब बना परसा खोला — दिवाली की खुशियों में डूबा सन्नाटा, रायगड़ा के युवक की पानी में डूबने से मौत; सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे गंभीर सवाल






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध पिकनिक स्थल परसा खोला एक बार फिर हादसे का गवाह बन गया है। दिवाली की खुशियों के बीच रविवार को यहां एक दर्दनाक घटना घटी, जब रायगड़ा (उड़ीसा) से आए एक युवक की झरने के गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पिकनिक का जो दिन हंसी-खुशी में बीतना था, वह मातम में बदल गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक अपने दोस्तों के साथ दिवाली के अवसर पर पिकनिक मनाने परसा खोला पहुंचा था। सभी दोस्त झरने के समीप नहा रहे थे कि अचानक युवक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। साथी युवक चीखते-चिल्लाते उसे बचाने दौड़े, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वे असफल रहे।
सूचना मिलते ही बालको थाना पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि परसा खोला में ऐसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। यहां पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न ही सुरक्षा रेलिंग या लाइफगार्ड की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने कहा — “हम हर बार हादसे के बाद यही मांग करते हैं कि यहां सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं, लेकिन प्रशासन केवल औपचारिकता निभाता है।”
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि परसा खोला तक पहुंचने वाला रास्ता भी बेहद खराब स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढे और फिसलन भरे मोड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस स्थल को पिकनिक स्पॉट के रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित करे, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
दिवाली के दिन हुई इस दुखद दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जहां हर ओर दीयों की रौशनी और खुशियां होनी चाहिए थीं, वहीं रायगड़ा से आए परिवार के लिए यह दिन हमेशा के लिए अंधकारमय हो गया।
स्थानीय जनों की अपील:
“हर साल परसा खोला हादसों का केंद्र बन रहा है। अब प्रशासन को चेतना ही होगा — झरने के आसपास मजबूत रेलिंग, सुरक्षा जाल और स्थायी लाइफगार्ड की नियुक्ति बेहद जरूरी है। नहीं तो अगली बार फिर कोई परिवार अपनी खुशियां खो देगा।”





