February 11, 2026

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अल्ट्राटेक सीमेंट बैकुंठ में 11वें दिन भी जारी हड़ताल — श्रमिकों की ‘अधिकार रैली’ में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/ तिल्दा-नेवरा (छत्तीसगढ़), 17 अक्टूबर 2025।
अल्ट्राटेक सीमेंट (आदित्य बिड़ला ग्रुप) की बैकुंठ सीमेंट वर्क्स यूनिट में श्रमिकों की हड़ताल आज 11वें दिन भी जारी रही।
संयुक्त ट्रेड यूनियन बैकुंठ के बैनर तले सैकड़ों श्रमिकों ने आज “श्रमिक अधिकार रैली” निकालकर प्रबंधन के तानाशाही रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ज्ञापन एसडीएम तिल्दा-नेवरा को सौंपा।


रैली में “शोषण बंद करो”, “श्रमिकों को न्याय दो”, “बैकुंठ सीमेंट प्रबंधक होश में आओ” जैसे नारों से पूरा तिल्दा क्षेत्र गूंज उठा।
श्रमिकों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले दो वर्षों से संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक न तो कंपनी प्रबंधन ने वार्ता की, न ही शासन-प्रशासन ने कोई ठोस पहल की है।
“दो साल से कर रहे थे शिकायत, अब हड़ताल मजबूरी बनी” — कमलेश वर्मा


संयुक्त ट्रेड यूनियन बैकुंठ के महासचिव कमलेश वर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से यूनियन द्वारा बैकुंठ सीमेंट प्रबंधन के तानाशाही रवैये की लगातार शिकायत शासन और प्रशासन से की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि 9 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम से उनके सचिव पी. दयानंद को मंत्रालय में पत्र देकर यह निवेदन किया गया था कि बैकुंठ सीमेंट वर्क्स प्रबंधन और श्रमिकों के बीच चल रहे विवाद में शासन हस्तक्षेप करे।
“लेकिन शासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते आज हालात बिगड़ गए हैं। 11 दिन से श्रमिक हड़ताल पर बैठे हैं, पर न कोई बातचीत हो रही है, न समाधान।”
— कमलेश वर्मा, महासचिव, संयुक्त ट्रेड यूनियन बैकुंठ
श्रमिकों की प्रमुख मांगें
श्रमिकों ने अपने ज्ञापन में कई ठोस मांगें रखीं जिनमें प्रमुख हैं —
बैकुंठ सीमेंट वर्क्स को तत्काल पुनः चालू किया जाए।
निलंबित श्रमिक प्रतिनिधियों को बिना शर्त वापस लिया जाए।
श्रमिक नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल वापस लिया जाए।
पिछले कई महीनों से रोके गए बोनस का शीघ्र भुगतान किया जाए।
करीब 150 श्रमिकों को फिर से कार्य पर बहाल किया जाए।
रैली के दौरान श्रमिक नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
“प्रबंधन का रवैया असंवेदनशील, वार्ता की कोई पहल नहीं” — यूनियन
संयुक्त ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बैकुंठ सीमेंट वर्क्स के प्रबंधक द्वारा लगातार श्रम कानूनों की अनदेखी की जा रही है और संवेदनशील मुद्दों पर संवाद की जगह दबाव की नीति अपनाई जा रही है।
श्रमिकों ने यह भी बताया कि यूनियन की कई बार की अपील के बावजूद प्रबंधन की ओर से वार्ता की कोई पहल नहीं हुई।
इस कारण अब यह विवाद केवल औद्योगिक मतभेद नहीं, बल्कि श्रमिक सम्मान का प्रश्न बन गया है।
“हम काम पर लौटना चाहते हैं, लेकिन इज़्जत और हक़ के साथ। अगर हमें दबाने की कोशिश की गई, तो यह संघर्ष प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप लेगा।”
— एक प्रदर्शनकारी श्रमिक का बयान
एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त किया, समाधान का भरोसा दिलाया
रैली के समापन पर यूनियन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम तिल्दा-नेवरा को सौंपा।
एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर यह भरोसा दिलाया कि ज्ञापन में उल्लिखित बिंदुओं को शासन स्तर पर भेजा जाएगा और जल्द ही बैकुंठ सीमेंट प्रबंधन तथा यूनियन के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया जाएगा।
श्रमिकों का संघर्ष बना औद्योगिक न्याय की पुकार
बैकुंठ सीमेंट वर्क्स की हड़ताल अब केवल एक औद्योगिक विवाद नहीं रही — यह श्रमिक अधिकारों, संवादहीनता और प्रबंधन की जवाबदेही का प्रतीक बन चुकी है।
स्थानीय नागरिकों, मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शासन से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि दीपावली से पहले बैकुंठ सीमेंट उद्योग में फिर से उत्पादन शुरू हो सके और श्रमिकों को राहत मिले।

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