जिले के बाल संप्रेक्षण गृह में मिली अवैध मादक द्रव्य पदार्थ की बोतलें






दोषियों पर कार्यवाही करने से बच रहे अधिकारी
त्रिनेत्र टाइम्स **/ कोरबा के बाल संप्रेक्षण गृह में अव्यवस्था खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। संस्था से बच्चों के लगातार भागने और अंदर का वीडियो वायरल होने के बाद इस बार बाल संप्रेक्षण गृह में अवैध मादक द्रव्य पदार्थ की बोतलें मिली हैं। इतना ही नहीं, संस्था में मौजूद बालकों के पास से अनेक आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद हुई हैं। जानकारी के अनुसार इस मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियो ने अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं की है।
कोरबा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी (निवर्तमान) रेणु प्रकाश ने पिछले महीने ही जिला बाल संरक्षण इकाई के समस्त कर्मियों और अधिकारियों को बाल संप्रेक्षण गृह की रात के वक्त निगरानी की जिम्मेदारी का आदेश निकाला था। इसी के मुताबिक पिछले दिनों 3 कर्मी कोहड़िया स्थित नए बाल संप्रेक्षण गृह गए हुए थे। इन तीनों ने अगले ही दिन एक रिपोर्ट सौंपी।
इन कर्मियों ने बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षक के अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी को रिपोर्ट भेजी और बताया कि रात के वक्त तलाशी के दौरान संप्रेक्षण गृह में बालकों के पास बेल्ट, रस्सी, हाथ का कड़ा, नट-बोल्ट और कील पाया गया, वहीं रसोई कक्ष में अवैध मादक द्रव्य पदार्थ की 3 खाली बोतलें और गुटखा का रेपर भी मिला। बताया जाता है कि एक अवैध मादक द्रव्य पदार्थ की बोतल में कुछ बचा हुआ मादक द्रव्य पदार्थ भी मिला हैं। इसके बारे में तत्काल संस्था की अधीक्षिका और कर्मचारी को अवगत कराया गया।
जानकारी के अनुसार इस मामले के बारे में संबंधित अधिकारियो को रिपोर्ट किए जाने के 15 दिन गुजर जाने के बावजूद अब तक कोई भी कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई है।
उल्लेखनीय हैं की इससे पूर्व भी संप्रेक्षण गृह से बालकों के अलग-अलग समय में भागने के मामले भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वहीं होम्स के बालकों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में यहां की लापरवाह महिला कर्मचारी को केवल यहां से हटाकर जिला बाल संरक्षण कार्यालय में संलग्न कर दिया गया है, मगर न तो उससे कोई कामकाज कराया जा रहा है और न ही अब तक कोई दंड दिया गया है। बताया जाता है कि इसी महिला कर्मी के मोबाइल से संबंधित वीडियो बनाया गया था।
जानकार बताते हैं कि कोरबा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन संचालित बाल संप्रेक्षण गृह में व्याप्त अव्यवस्था और यहां से बालकों के बार-बार फरार होने की घटनाओं के चलते वैसे भी बदनामी हो रही है। अब होम्स में मादक द्रव्य पदार्थ की बोतलें मिलने और बालकों के पास आपत्तिजनक सामग्रियां होने की बात अगर ऊपर या फिर मीडिया के पास पहुंची तो और भी बदनामी होगी। ऐसे में अधिकारी कोई कार्यवाही करने की बजाय इस मामले को दबाने में जुटे हुए हैं।





