अलगीडाँड़ के प्राथमिक विद्यालय में लौटी रौनक — नई शिक्षिका के आगमन से बच्चों में खुशी की लहरयुक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से दूर हुई एकल शिक्षक की समस्या, अब बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/ कोरबा। पाली विकासखंड के ग्राम अलगीडाँड़ स्थित प्राथमिक शाला पुरानी बस्ती में लंबे इंतजार के बाद नई शिक्षिका के आने से विद्यालय और गाँव दोनों में खुशियों का माहौल है। करीब 28 वर्ष पहले स्थापित इस विद्यालय में अब तक केवल एक ही शिक्षक के सहारे शिक्षा व्यवस्था चल रही थी। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से अब इस स्कूल को एक नई शिक्षिका मिली है, जिससे शिक्षण व्यवस्था में संतुलन और सुचारुता आई है।

ग्राम अलगीडाँड़ में संचालित इस प्राथमिक शाला में कुल 63 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश अनुसूचित जनजाति परिवारों से आते हैं। विद्यालय में अब तक प्रधानपाठक श्री रघुवीर सिंह अकेले सभी कक्षाओं को संभाल रहे थे। उन्होंने बताया कि एकल शिक्षक के रूप में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था — सभी विषयों को पढ़ाना, बच्चों की उपस्थिति पर ध्यान देना और प्रशासनिक कार्यों को संभालना एक साथ चुनौतीपूर्ण था।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत अब एक शिक्षिका पदस्थ हो गई हैं, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल और बेहतर हुआ है।
शिक्षिका श्रीमती इंदु पैकरा का योगदान सराहा गया
युक्तियुक्तकरण से पदस्थ नई शिक्षिका श्रीमती इंदु पैकरा ने बताया कि उन्हें इस विद्यालय में पदस्थापना मिलने के बाद 6 जून को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया था। अब चार महीने से वे विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि गाँव और विद्यार्थी दोनों ने उन्हें बहुत स्नेह दिया है।
उन्होंने कहा — “मैं कोशिश कर रही हूँ कि बच्चों में शिक्षा के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों की भी समझ विकसित हो।”
विद्यालय के बच्चों अविनाश, अतुल, मुस्कान, मान्या, स्वाति और प्रियांशी ने बताया कि उन्हें नई मैडम बहुत पसंद हैं। वे न केवल पढ़ाई करवाती हैं बल्कि खेल-कूद में भी शामिल होती हैं। बच्चे बताते हैं कि “मैडम हमें डॉक्टर, इंजीनियर और देश का अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा देती हैं।”
ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल
गाँव के अभिभावकों ने बताया कि वर्षों बाद अब विद्यालय में दो शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा। बच्चों की पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दिया जा सकेगा। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे ही कदम अन्य एकल शिक्षक विद्यालयों के लिए भी राहत भरे साबित होंगे।
👉 इस तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने पुरानी बस्ती के इस विद्यालय में नई ऊर्जा का संचार किया है — जहाँ अब बच्चों की हँसी, शिक्षिका का स्नेह और शिक्षा की नई दिशा एक साथ दिखाई दे रही है।





