भारत बन रहा है आत्मनिर्भरता का वैश्विक प्रतीक : केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि और डिजिटल क्षेत्र में स्वावलंबन की नई कहानी लिख रहा भारत






दंतेवाड़ा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता के उस युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ “स्वदेशी” केवल एक विचार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बन गया है। यह बात शुक्रवार को जिला ग्रंथालय दंतेवाड़ा में आयोजित प्रेसवार्ता में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि और डिजिटल क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि हाल ही में सम्पन्न ऑपरेशन सिंदूर भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण है। इस अभियान में भारतीय निर्मित हथियारों और स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर यह सिद्ध कर दिया गया है कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा तंत्र में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं और नवप्रवर्तकों से भारत में ही जेट इंजन और सेमीकंडक्टर चिप विकसित करने का आह्वान किया है। वर्ष 2025 तक भारत का अपना “मेड इन इंडिया” सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च होगा, जो तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
मंत्री कश्यप ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में भारत अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उपलब्धियों की सराहना करते हुए भारत के अपने स्पेस स्टेशन की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आज देश के 300 से अधिक स्टार्टअप अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं — भारत अब केवल भागीदार नहीं, बल्कि अंतरिक्ष नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए केदार कश्यप ने कहा कि भारत ने 2030 के लक्ष्य को पाँच वर्ष पूर्व ही हासिल कर लिया है। सौर, परमाणु, जलविद्युत और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में भारत विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने निजी क्षेत्र की भागीदारी से परमाणु ऊर्जा क्षमता को आज़ादी के 100वें वर्ष तक दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि भारत ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत 1200 नए खनिज स्थलों की खोज जारी है। यह भारत की औद्योगिक और रणनीतिक स्वायत्तता को और सशक्त बनाएगा। साथ ही, भारत अब अपने गहरे समुद्री क्षेत्रों से ऊर्जा संसाधनों की खोज और दोहन में जुटा है, जिससे विदेशी ईंधन पर निर्भरता घटेगी।
कृषि के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घरेलू उर्वरक उत्पादन को प्रोत्साहित करने की पहल का उल्लेख करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से भारत के अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल सिस्टम विकसित करने का आह्वान किया है। भारत अब डिजिटल डेटा, साइबर सुरक्षा और संचार व्यवस्था में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
फार्मा क्षेत्र की चर्चा करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि भारत विश्व की “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” है। कोविड काल में स्वदेशी टीके को-वैक्सीन और कोविशील्ड ने दुनिया को नई दिशा दी। अब आवश्यकता है कि भारत अपनी प्रयोगशालाओं में नई दवाएँ और वैक्सीन विकसित कर स्वास्थ्य आत्मनिर्भरता को स्थायी बनाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे भारतीय वस्तुओं का उपयोग करें और “स्वदेशी अपनाएँ, भारत बढ़ाएँ” का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अब हर दुकान के बाहर यह संदेश लिखा होना चाहिए — “स्वदेशी अपनाएँ, भारत बढ़ाएँ”।
मंत्री कश्यप ने बताया कि 25 सितंबर (पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती) से लेकर 25 दिसंबर (अटल बिहारी वाजपेयी जयंती) तक भारतीय जनता पार्टी विशेष अभियान चला रही है, जिसके माध्यम से जन-जन को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में “मिशन सुदर्शन चक्र” की घोषणा की है, जो दुश्मन की रक्षा घुसपैठ को निष्प्रभावी करेगा और भारत की आक्रामक रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाएगा। यह मिशन श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित है, जो भारत की सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक परंपरा दोनों का प्रतीक है।
प्रेसवार्ता के अंत में वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता के उस युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ स्वदेशी नवाचार, तकनीकी श्रेष्ठता और सांस्कृतिक गर्व — तीनों मिलकर भारत को “विश्व गुरु” बनने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
प्रेसवार्ता में विधायक चैतराम अटामी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता, ओजस्वी मंडावी, महामंत्री द्वय मुन्ना मरकाम एवं सत्यजीत चौहान, मुकेश शर्मा, सत्यनारायण महापात्र, नंदलाल मुडामि, धीरेन्द्र प्रताप, पायल गुप्ता, अरविन्द कुंजाम, जय भंसाली सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।





