उरांव समाज ने करम पर्व पर दिखाई सांस्कृतिक एकता और आस्था की अनूठी मिसाल — झगहरा में करम पूजा महोत्सव धूमधाम से संपन्न


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा जशपुर रोड स्थित झगहरा के उरांव सामाजिक भवन में आज आदिवासी उरांव (सरना) समाज द्वारा प्रकृति पूजा और पारंपरिक आस्था के महापर्व करम पूजा महोत्सव का आयोजन बड़े श्रद्धा, उल्लास और गरिमा के साथ किया गया। पूरे भवन परिसर में भक्ति, लोक संस्कृति और सामुदायिक एकजुटता का रंग छा गया।
शाम 8 बजे भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उपस्थित जनों को इस पावन अवसर पर पूजा में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। पूजन उपरांत पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रातभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों ने कार्यक्रम को भक्ति और उत्सव के रंगों से भर दिया।

इस अवसर पर नगर निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज के समय में जब कई समाज अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में उरांव समाज द्वारा अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आस्था को संजोए रखना प्रेरणादायक है। यह पर्व सामाजिक एकता और धार्मिक गौरव का प्रतीक है।”
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन श्री नंदकुमार भगत, श्री जागेश्वर भगत सहित आदिवासी उरांव (सरना) समाज विकास समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने करम पूजा महोत्सव में श्रद्धा और उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा एकजुटता और आत्मीयता का अद्भुत संदेश दिया।

एक ओर जहां वर्तमान समय में कई आदिवासी समाज कन्वर्ज़न की ओर अग्रसर हैं, वहीं उरांव समाज अपनी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रकृति पूजा को पूरे गौरव के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस आयोजन ने न केवल उनकी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त किया, बल्कि युवाओं में भी अपनी विरासत के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना जगाई।
👉 करम पूजा महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उरांव समाज आज भी अपनी परंपराओं, संस्कृति और प्रकृति के प्रति अटूट श्रद्धा रखता है, जो समाज में एकता, आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बन चुका है।

