ग्राम पंचायत लालपुर में फर्जी जाति प्रमाणपत्र का सनसनीखेज मामला — उपसरपंच पद पर बैठा व्यक्ति दो कार्यकाल से बना रहा आदिवासी बनकर जनप्रतिनिधि, कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग
1 min read



कोरबा।जिला कोरबा के पोड़ी-उपरोड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आरक्षित वार्ड क्रमांक 5 से फर्जी आदिवासी बनकर चुनाव लड़ने और उपसरपंच पद पर दो पंचवर्षीय कार्यकाल तक काबिज रहने का आरोप लगाया गया है। ग्राम पंचायत पाथा लालपुर की सरपंच ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है।
सरपंच द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम के एक व्यक्ति ने आदिवासी (अनुसूचित जनजाति – एसटी) का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर न केवल आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़ा बल्कि दो कार्यकाल तक उपसरपंच के पद पर बना रहा। सरपंच का कहना है कि उक्त व्यक्ति के पास वास्तविक आदिवासी जाति प्रमाणपत्र नहीं है और इस तरह उसने प्रशासन को लगातार गुमराह किया है, जो पंचायत राज अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
सरपंच ने यह भी कहा कि यह मामला केवल फर्जी जाति प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं है बल्कि इसने आरक्षित सीट पर वास्तविक आदिवासी उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी कर आरक्षण नीति का दुरुपयोग न कर सके।
इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी रोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषी व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई की जाए और पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता एवं न्याय सुनिश्चित किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला जनपद और जिला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और संभावना जताई जा रही है कि शीघ्र ही इस पर जांच प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।







