बस्तर नक्सलवाद के अंत की ओर, छत्तीसगढ़ विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है” — केदार कश्यप


रायपुर, 03 अक्टूबर 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा राहुल****/ छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा सुरक्षा बलों की लगातार चल रही प्रभावी कार्रवाई के कारण प्रदेश का बस्तर अंचल तेजी से नक्सलमुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में चल रही निर्णायक लड़ाई की बड़ी उपलब्धि बताया।
श्री कश्यप ने कहा कि बीजापुर जिले में हाल ही में 1.06 करोड़ रुपये के इनामी 49 सहित कुल 103 नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने माओवाद के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है, जिसने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए स्वागत करते हुए सुरक्षा बलों के जांबाज़ जवानों को भी हार्दिक बधाई और धन्यवाद दिया।
वन मंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने अपने शासनकाल में नक्सली उन्मूलन की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया। बल्कि हर अवसर पर वह नक्सलियों के साथ खड़ी रही और आज भी नक्सलियों के समर्थन में कोई मौका नहीं छोड़ती।”
श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में इस बार छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कुशासन रूपी रावण का अंत कर “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा “नियद नेल्लानार योजना” के कारण नक्सलियों में विश्वास और आशा का संचार हुआ है। अब तक 1890 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता और जनता के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर में अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के दबाव में निचले कैडर के नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटने लगे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बहुत जल्द छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होकर एक शांतिपूर्ण और समृद्ध प्रदेश के रूप में स्थापित होगा।

