सिंदूर खेला की मंगलिमय रस्म के साथ मां दुर्गा की भावभीनी विदाई — फेस वन राजेंद्र प्रसाद नगर में उमड़ा भक्तों का सैलाब


कोरबा। नवरात्रि और दशहरा पर्व के समापन अवसर पर फेस वन राजेंद्र प्रसाद नगर में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन से पूर्व पारंपरिक सिंदूर खेला की रंगारंग रस्म संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर महिलाओं ने माता रानी को सिंदूर अर्पित कर उनके चरणों में प्रणाम किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मंगलकामनाएं दीं। वातावरण भक्तिमय भावनाओं और उत्साह से गूंज उठा।

सुबह से ही श्रद्धालुओं का फेस वन राजेंद्र प्रसाद नगर स्थित दुर्गा पंडाल में आना-जाना लगा रहा। मां दुर्गा की विदाई को विशेष रूप से यादगार बनाने के लिए समिति द्वारा पारंपरिक विधि-विधान के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिलाओं ने लाल साड़ी पहनकर पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया और मां को विदा करते समय “आमच घर येई वर्षी” (अगले वर्ष फिर आना मां) के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा।
विदाई जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्त झूमते-गाते हुए निकले। भक्तों की आंखों में जहां मां की विदाई का भावुक क्षण था, वहीं अगले वर्ष के पुनः आगमन की आस भी झलक रही थी। विसर्जन के लिए माता रानी की प्रतिमा को पूरे विधि-विधान से सजाए गए वाहन में रखकर शोभायात्रा निकाली गई।







फेस वन राजेंद्र प्रसाद नगर दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सिंदूर खेला एवं विसर्जन कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और वरिष्ठजन शामिल रहे।
मां दुर्गा की विदाई के साथ ही नगर में नवरात्रि उत्सव का समापन हुआ, लेकिन भक्तों के मन में देवी मां के पुनः आगमन की आस और भक्ति की ज्योति जगमगाती रही।

