भुगतान में देरी, रॉयल्टी की मनमानी और जीएसटी इनपुट में कटौती से ठेकेदार परेशान — छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन


रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों में संलग्न ठेकेदारों को लगातार गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय पर भुगतान न होना, जीएसटी इनपुट में कमी, रॉयल्टी की अत्यधिक वसूली और विभागीय प्रक्रियाओं में असमानता जैसी समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग के ENC को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
📌 ठेकेदारों की प्रमुख समस्याएं
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने पत्रकार वार्ता में विस्तार से बताया कि ठेकेदारों को कई मोर्चों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है—
– 🕓 भुगतान में देरी: विभागों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे ठेकेदारों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
– 💰 जीएसटी इनपुट में कटौती: पहले 28% जीएसटी इनपुट का लाभ मिलता था, जो अब घटकर 18% हो गया है, और वह भी कई मामलों में नहीं मिल रहा।
– ⛏ गौण खनिज रॉयल्टी की मनमानी वसूली: जिला कलेक्टरों के निर्देश पर 4–5 गुना अधिक रॉयल्टी वसूली की जा रही है।
– 📑 एसओआर में असमानता: रोड और ब्रिज निर्माण में नया एसओआर लागू है, लेकिन भवन निर्माण में पुराना एसओआर ही लागू है, जिससे ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है।
– 🚰 जल जीवन मिशन में बाधाएं: स्थानीय सरपंचों के हस्तक्षेप और विभागीय अधिकारियों के असहयोग के कारण कार्यों में विलंब हो रहा है, साथ ही निर्माण पूर्ण होने के बाद भी 70% भुगतान करने की बात कही जा रही है।
📜 एसोसिएशन की मांगें
कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग के ENC को सौंपे गए ज्ञापन में 10 बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई की मांग की है। इन मांगों में भुगतान की समयसीमा तय करने, जीएसटी इनपुट को बहाल करने, रॉयल्टी वसूली पर नियंत्रण, एसओआर में समानता लाने और विभागीय प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने जैसे बिंदु शामिल हैं।
🤝 ज्ञापन सौंपने में शामिल प्रतिनिधि
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में अनिल चंसोरिया, के.पी. मिश्रा, विनीत सिंह, आशीष श्रीवास्तव, नरेंद्र ठाकुर, सुरेश मिश्रा, राजेश शुक्ला, राकेश जोशी, अशोक पंजवानी, उमाकांत बाजपेयी, योगेश सोनी, निखिल दाऊ, नितिन ठाकुर सहित प्रदेशभर के ठेकेदार शामिल थे।
🗣 एसोसिएशन ने सरकार से ठेकेदारों की समस्याओं पर शीघ्र सुनवाई की मांग की है, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

