August 15, 2026

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पापांकुशा एकादशी व्रत से मिटते हैं समस्त पाप, मिलती है मोक्ष की प्राप्ति — 3 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, 4 अक्टूबर को पारण

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कोरबा।आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे पापांकुशा एकादशी कहा जाता है, इस वर्ष 03 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्मशास्त्रों में इस एकादशी का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। भगवान विष्णु की प्रिय इस तिथि पर विधिवत व्रत-पूजन करने से साधक को पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और कथा श्रवण करने से न केवल साधक के पापों का नाश होता है बल्कि उसके पितरों को भी मुक्ति मिलती है।


🪔 एकादशी तिथि एवं पारण समय
एकादशी तिथि का आरंभ — 02 अक्टूबर 2025, गुरुवार सायं 07:11 बजे
एकादशी तिथि का समापन — 03 अक्टूबर 2025, शुक्रवार सायं 06:33 बजे
उदया तिथि के अनुसार व्रत — 03 अक्टूबर 2025, शुक्रवार
पारण (व्रत खोलना) — 04 अक्टूबर 2025, शनिवार प्रातः 06:23 बजे से 08:44 बजे के मध्य
📖 पौराणिक कथा में निहित है मोक्ष का संदेश
पापांकुशा एकादशी की कथा विध्यांचल पर्वत पर रहने वाले क्रोधना नामक एक शिकारी से जुड़ी है। वह अपने जीवन में निरंतर हिंसक और पापकर्म करता रहा। मृत्यु के भय से व्याकुल होकर वह महर्षि अंगिरा के पास पहुंचा और प्रायश्चित का उपाय पूछा। महर्षि ने उसे पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। क्रोधना ने विधिवत व्रत कर भगवान श्रीहरि की आराधना की, जिसके प्रभाव से उसे सभी पापों से मुक्ति मिली और मृत्यु के पश्चात उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति हुई।
🪔 व्रत पालन में रखें इन बातों का विशेष ध्यान
नाड़ीवैद्य पंडित डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि पापांकुशा एकादशी व्रत से पूर्व दशमी तिथि से ही सात प्रकार के अनाज — गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल एवं मसूर दाल — का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनका पूजन एकादशी पर किया जाता है। व्रत के दौरान तामसिक भोजन, चावल का सेवन तथा क्रोध, झूठ, अहंकार और छल जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए।
इस दिन भगवान विष्णु के नाम का स्मरण, भजन, दान-पुण्य (सोना, तिल, गाय, अन्न, जल आदि) का विशेष महत्व बताया गया है।
🚫 इन गलतियों से बचें
पंडित शर्मा ने बताया कि एकादशी व्रत में भूलकर भी क्रोध नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का पुण्यफल नष्ट हो सकता है। पूजा-पाठ में पूर्ण एकाग्रता और श्रद्धा से भाग लेने पर ही पापांकुशा एकादशी का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है।
🌿 आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष तिथि
हिंदू मान्यताओं के अनुसार जो श्रद्धालु पापांकुशा एकादशी का व्रत करते हैं, भगवान विष्णु उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और मृत्यु के पश्चात यमलोक के कष्टों से रक्षा करते हैं। यह तिथि पितरों के उद्धार के लिए भी अत्यंत पुण्यकारी मानी गई है।
🙏 ।। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।।
🪔 पापांकुशा एकादशी — भक्ति, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति की पवित्र तिथि

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