दुर्गा वाहिनी ने मनाया स्थापना दिवस — मातृशक्ति के संकल्प, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से गूंजा आयोजन


कोरबा।आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी (दुर्गा अष्टमी) के पावन अवसर पर सोमवार को मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का स्थापना दिवस श्रद्धा, शौर्य और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। यह वही तिथि है, जब संवत 2041 (सन 1991) में दीदी माता साध्वी ऋतंभरा जी के मार्गदर्शन में विश्व हिंदू परिषद द्वारा मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की स्थापना की गई थी।




संगठन का उद्देश्य महिलाओं को धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यों के लिए प्रेरित करना, उन्हें मानसिक-शारीरिक रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका के लिए तैयार करना है।
इसी कड़ी में आज मैगजीन भाटा पंप हाउस में दुर्गा वाहिनी का स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर दुर्गा वाहिनी की बहनों ने अपने रक्त से माता दुर्गा को तिलक अर्पित कर राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि से ब्रह्मनाद, एकात्मता मंत्र एवं विजय महामंत्र के जाप के साथ की गई। तत्पश्चात दुर्गा माता के तेलचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर वंदन किया गया।
👉 शस्त्र पूजन और सांस्कृतिक प्रस्तुति से गूंजा कार्यक्रम
शास्त्र पूजन के अवसर पर सभी बहनें अपने शस्त्रों (तलवार) के साथ उपस्थित हुईं और शस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से समाज को शक्ति एवं संस्कारों का संदेश दिया। मंच संचालन का दायित्व पूर्णिमा चौहान ने निभाया।
अमृत वचन — डिंपल गुप्ता द्वारा
सुभाषित — रुचि धुर्वे द्वारा
गीत प्रस्तुति — अनु यादव द्वारा दी गई।
👉 विहिप पदाधिकारियों ने किया संबोधन
विश्व हिंदू परिषद के विभाग सह मंत्री अजय यादव ने अपने संबोधन में दुर्गा वाहिनी की स्थापना के उद्देश्य और इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति समाज को दिशा देने की सबसे बड़ी शक्ति है।
वहीं विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री राज नारायण गुप्ता ने दुर्गा वाहिनी की बहनों की सक्रियता की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया और शुभकामनाएं दीं।
👉 कार्यक्रम में रही बहनों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में दुर्गा वाहिनी की बहनों — पूर्णिमा चौहान, अनु यादव, चांदनी साहू, सृष्टि धुर्वे, रुचि धुर्वे, आरती विश्वकर्मा, अन्नू गुप्ता, ख्याति राज गुप्ता, तनु मानिकपुरी, स्वामी झा, पीहू ठाकुर, वर्षा ठाकुर, डिंपल गुप्ता, रागिनी गुप्ता, पीहू और गीत महंत — ने उत्साहपूर्ण सहभागिता की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में त्रिभुवन गुप्ता, सक्षम राज गुप्ता, सोनू विश्वकर्मा, सोनू गुप्ता, पवन गुप्ता, कबीर मानिकपुरी सहित स्थानीय वार्ड की माताएं-बहनें एवं बंधुओं का सहयोग उल्लेखनीय रहा।
🌺 दुर्गा अष्टमी के इस दिन मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का स्थापना दिवस न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह महिलाओं की शक्ति, संगठन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का सशक्त संदेश समाज को देता है।

