विवादित नक्शा मामला — होली क्रॉस कॉलेज की प्राचार्या पर FIR दर्ज, निष्पक्ष जांच पर उठे सवाल — भाजपा ने पद से हटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी


अम्बिकापुर।होली क्रॉस विमेन्स कॉलेज, अम्बिकापुर में भारत के विकृत नक्शे के प्रदर्शन के मामले में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई की है। कॉलेज की प्राचार्या शांता जोसफ एवं कॉलेज के फेसबुक पेज संचालक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 505(1)(B) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। वहीं, इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और भाजपा नेताओं ने निष्पक्ष जांच को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं।



🗺️ मामला क्या है
5 और 6 जनवरी 2024 को कॉलेज में आयोजित एनुअल स्पोर्ट्स मीट के दौरान एक विवादित नक्शा प्रदर्शित किया गया था, जिसमें अक्साई चीन और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भारत के नक्शे में शामिल नहीं दिखाया गया था। यह तस्वीर 19 जनवरी 2024 को कॉलेज के आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई और लगभग 19 महीनों तक वहीं बनी रही।
1 सितंबर 2025 को कॉलेज द्वारा नई तस्वीरें अपलोड करने पर यह विवादित नक्शा दोबारा लोगों की नजर में आया। इसके बाद भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने थाना गांधी नगर में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
📝 FIR दर्ज, लेकिन धाराओं पर उठे सवाल
शिकायत के बाद पुलिस ने प्राचार्या शांता जोसफ और पेज संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन भाजपा नेताओं का आरोप है कि इस प्रकरण में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और देशद्रोह की धाराएं नहीं जोड़ी गईं, जिससे पुलिस की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, किसी ईसाई समुदाय के विधायक द्वारा पुलिस पर दबाव डाले जाने की बात भी सामने आई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह हस्तक्षेप जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
🗣️ भाजपा का रुख — निष्पक्ष जांच के लिए प्राचार्या को हटाना जरूरी
भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक प्राचार्या शांता जोसफ अपने पद पर बनी रहेंगी, तब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।
चूंकि यह कॉलेज शासकीय अनुदान प्राप्त संस्था है, इसलिए भाजपा ने शासन से मांग की है कि प्राचार्या को तत्काल पद से हटाया जाए ताकि जांच पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
🚨 आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि महाविद्यालय प्रबंधन प्राचार्या को तत्काल पद से नहीं हटाता, तो विभिन्न छात्र संगठन इस मामले पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

