बालको में फोटोग्राफी का उत्सव – ‘मल्हार 3.0’ प्रदर्शनी और कार्यशाला में झलकी रचनात्मकता व कल्पनाशक्ति


बालकोनगर, 01 सितम्बर 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी एवं कार्यशाला ‘मल्हार 3.0’ का सफल आयोजन किया। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर बालको परिवार के प्रतिभाशाली कर्मचारियों द्वारा खींची गई उत्कृष्ट तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें प्राकृतिक सौंदर्य, पुरातात्विक धरोहर और सांस्कृतिक विविधता के शानदार दृश्य सम्मिलित थे। आगंतुकों ने तस्वीरों की कलात्मकता और जीवन के विविध रंगों को सराहते हुए कलाकारों की रचनात्मकता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

तीन थीम पर आधारित प्रतियोगिता
प्रदर्शनी में ‘आर्कियोलॉजिकल वंडर्स’, ‘नेचुरल स्केप्स’ और ‘कल्चर केलिडोस्कोप’ थीम पर मनमोहक छायाचित्र प्रस्तुत किए गए। जज पैनल में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ फोटोग्राफर गोकुल सोनी और दिल्ली से आए युवा फोटोग्राफर बिबेक चेत्री शामिल रहे, जिन्होंने प्रत्येक वर्ग से एक-एक विजेता का चयन किया।
आकर्षण का केंद्र – सेल्फी और कैमरा कॉर्नर
बालको टाउनशिप में आयोजित प्रदर्शनी में आगंतुकों के लिए विशेष ‘सेल्फी कॉर्नर’ बनाया गया। साथ ही एक अनोखे कॉर्नर में विंटेज क्लासिक कैमरों से लेकर अत्याधुनिक डिजिटल कैमरों का प्रदर्शन किया गया। आगंतुकों को फोटोग्राफी उपकरणों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। प्रदर्शनी सभी के लिए खुली रही, जिसमें कर्मचारियों, उनके परिवारों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सीईओ का संदेश
इस अवसर पर बालको के सीईओ और निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा –
“फोटोग्राफी हमें यह सिखाती है कि सुंदरता हर छोटे से छोटे दृश्य और क्षण में छिपी होती है। ‘मल्हार 3.0’ कर्मचारियों के भीतर छिपी रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति को सामने लाने का सशक्त मंच है। ऐसे आयोजन यह साबित करते हैं कि तकनीकी दक्षता और कलात्मक दृष्टिकोण मिलकर किसी भी संगठन को नई दिशा दे सकते हैं।”
कार्यशाला का विशेष आयोजन
लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फोटोग्राफी कार्यशाला रही। इसमें प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स ने प्रतिभागियों को कैमरा हैंडलिंग, लाइटिंग तकनीक, एंगलिंग, कंपोजिशन और मोबाइल फोटोग्राफी जैसी बारीकियों से अवगत कराया। प्रतिभागियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर फोटोग्राफी की नई तकनीकों को समझा और सराहा।
रचनात्मकता का मंच
‘मल्हार 3.0’ न केवल एक प्रदर्शनी रहा, बल्कि इसने कर्मचारियों और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और निखारने का अवसर भी प्रदान किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि रचनात्मकता और संवेदनशील दृष्टि समाज और संगठन दोनों के विकास में समान रूप से सहायक हो सकती है।

