⚡ कोरबा में बिजली चोरी का मामला : आरोपी अब्दुल रसीद को विशेष न्यायालय ने सुनाया अर्थदण्ड का आदेश ⚡


कोरबा। विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) कोरबा श्री एस. शर्मा की अदालत ने बिजली चोरी के मामले में आरोपी अब्दुल रसीद (55 वर्ष), पिता–अब्दुल हामिद, निवासी क्वार्टर नंबर-113, शारदा विहार अटल आवास, कोरबा को दोषी मानते हुए अर्थदण्ड और कारावास की सजा सुनाई है।
🔹 मामला कैसे शुरू हुआ
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित, तुलसीनगर जोन कोरबा ने बताया कि आरोपी पर 3,54,553 रुपये का बिजली बिल बकाया था। इसी कारण उसका कनेक्शन 07 अगस्त 2019 को विच्छेद कर दिया गया था। बाद में कंपनी की जांच टीम ने 30 नवम्बर 2022 को उसके निवास पर छापामार कार्रवाई की, जिसमें पाया गया कि आरोपी ने हुकिंग करके 228 वॉट बिजली की चोरी की थी। इससे कंपनी को 2,795 रुपये का नुकसान हुआ।
🔹 न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई
विद्युत चोरी की शिकायत पर कंपनी ने विशेष न्यायालय (विद्युत अधिनियम) कोरबा में प्रकरण क्र. 08/2023 दिनांक 04 जनवरी 2023 को दर्ज कराया। कंपनी की ओर से अधिवक्ता श्री धनेश कुमार सिंह ने पैरवी की। इस दौरान गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया।
🔹 न्यायालय का फैसला
विशेष न्यायालय ने 01 अगस्त 2025 को निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
धारा 135 (विद्युत अधिनियम 2003) के तहत 3500 रुपये अर्थदण्ड तथा भुगतान न करने की स्थिति में 30 दिन का साधारण कारावास।
धारा 138 (विद्युत अधिनियम 2003) के तहत 1500 रुपये अर्थदण्ड तथा भुगतान न करने की स्थिति में 10 दिन का साधारण कारावास।
🔹 सख्त संदेश
इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है और इसमें लिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
👉 इस तरह कोरबा में बिजली चोरी के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दंडित किया और विद्युत कंपनी को न्याय दिलाया।

