✨ कोरबा को मिली बड़ी सौगात : मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रयासों से एल्युमिनियम पार्क का सपना होगा साकार ✨


कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी एवं श्रम मंत्री तथा कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन के विशेष प्रयासों से कोरबा जिले को नई औद्योगिक पहचान मिलने जा रही है। लंबे समय से लंबित एल्युमिनियम पार्क की स्थापना का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है।
🔹 जमीन हस्तांतरण को मिली हरी झंडी
कोरबा ताप विद्युत गृह, ग्राम कोहड़िया की 105 हेक्टेयर भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय उत्पादन कंपनी की बोर्ड बैठक में लिया गया है। इसके लिए प्रबंध निदेशक को अधिकृत किया गया है। जिला प्रशासन, नजूल व राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन व सीमांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही यह जमीन उद्योग विभाग को सौंपी जाएगी।
🔹 वर्षों की मांग पूरी होने जा रही
कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की मांग जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स और उद्योग संघ लंबे समय से करते आ रहे थे। मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रयासों से यह मांग अब हकीकत बनने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में इस परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया था।
🔹 उद्योग और रोजगार को मिलेगा बल
एल्युमिनियम पार्क बनने से जिले में छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। खासकर एल्युमिनियम सेक्टर से जुड़े फैब्रिकेशन, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल सामान, रेल व ऑटो पार्ट्स, खिड़की-दरवाजे, भवन निर्माण सामग्री और घरेलू उत्पादों की यूनिट्स स्थापित की जा सकेंगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर भी तैयार होंगे।
🔹 कोरबा बनेगा औद्योगिक हब
कोरबा में पहले से ही बालको स्मेल्टर प्लांट मौजूद है, जहाँ एल्युमिना तैयार होता है। अब पार्क बन जाने से एल्युमिनियम से तैयार होने वाले विभिन्न उत्पाद यहीं निर्मित होंगे। एक ही जगह पर कई उद्योग स्थापित होने से कोरबा प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक हब बनेगा।
🔹 मंत्री लखनलाल देवांगन का विज़न
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि –
“कोरबा केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र न होकर उद्योग और रोजगार का गढ़ बने, यही हमारी प्राथमिकता है। एल्युमिनियम पार्क की स्थापना से जिले का समग्र विकास होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर अवसर मिलेंगे।”
👉 इस प्रकार कोरबा जिले की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। एल्युमिनियम पार्क की स्थापना से न सिर्फ आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी बल्कि कोरबा का नाम प्रदेश और देश में एक औद्योगिक शक्ति के रूप में और भी मजबूत होगा।

