राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय का कोरबा आगमन, श्रीमद्भागवत कथा में लिया आशीर्वाद – स्वागत में उमड़ा जनसैलाब


कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय दीदी रविवार की दोपहर कोरबा पहुंचीं। उनके आगमन से शहर का माहौल धार्मिक आस्था और उत्साह से सराबोर हो गया। मातनहेलिया परिवार द्वारा पितृमोक्षार्थ जश्न रिसोर्ट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उन्होंने पूजनीय पंडित विजय शंकर मेहता के श्रीमुख से कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।










पुष्पवर्षा और नारों से गूंजा वातावरण
कथा में सम्मिलित होने से पूर्व पप्पू गार्डन के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सरोज पांडेय का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह फूलों की वर्षा हुई, ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजी और नारेबाजी से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। “दीदी जिंदाबाद” और “भारत माता की जय” के नारों ने पूरे माहौल को जोशीला बना दिया।

भाजपा नेताओं की प्रभावशाली मौजूदगी
कथा स्थल पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, निवृत्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, दिलेंद्र यादव, ब्रिजेन्द्र यादव, मनीष मिश्रा, योगेश मिश्रा, पवन सिन्हा, लक्की नंदा, अजय चंद्रा, नवीन अरोरा, मंडल महामंत्री मिलाप राम बरेठ, पुनि राम साहू, अनिल वस्त्रकार, उदय श्रीवास्तव, प्रदीप और शैलेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे। नेताओं की उपस्थिति से आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया।

कथा से मिला जीवन का गहन संदेश
भागवत कथा का श्रवण करते हुए सरोज पांडेय ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मबल और व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि कथा समाज में धर्म और संस्कारों की जड़ों को मजबूत करती है तथा जीवन को अध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
कथा स्थल पर भारी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक और पार्टी कार्यकर्ता जुटे। पूरा पंडाल भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसी प्रेरणादायी और ऊर्जावान नेता के साथ कथा श्रवण करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
आस्था और राजनीति का अद्भुत संगम
कोरबा में आयोजित इस भागवत कथा ने न केवल धार्मिक माहौल को जीवंत किया, बल्कि कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार भी किया। सरोज पांडेय के आगमन से जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिली, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा।

