श्री सप्तदेव मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन, झांकियों से सजी भक्तिमय रात


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। श्री सप्तदेव मंदिर कोरबा में इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन बड़े ही भव्य स्वरूप में हुआ। 16 अगस्त, शनिवार को आयोजित इस पर्व में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। अनुमान है कि इस वर्ष लगभग 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मंदिर की सजावट, झांकियां, प्रतियोगिताएं और भजन संध्या ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।


झांकियों की परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र :
मंदिर में 1994 से झांकियों की परंपरा प्रारंभ हुई थी। आरंभ में यह छोटे स्तर पर आयोजित होती थी, लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया और आज यह झांकियां एक बड़े मेले का रूप ले चुकी हैं। नगरवासी पूरे वर्ष इसकी प्रतीक्षा करते हैं। इस वर्ष भी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित अद्भुत झांकियां प्रस्तुत की गईं।
कारागृह में जन्म, वासुदेव द्वारा यमुना पार करना, राक्षस वकासुर का वध, पूतना वध, कालिया मर्दन, दशावतार, रामसेतु का तैरता पत्थर, खाटू श्याम जी का शीश दान एवं अमरनाथ बर्फानी बाबा की झांकी देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे।

श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता में बच्चों की उमंग :
मंदिर प्रांगण में बच्चों के लिए श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चला और तीन चरणों में विभाजित था।

0 से 2 वर्ष तक के बच्चों में शिशु कृष्ण बनो प्रतियोगिता,

2 से 5 वर्ष तक के बच्चों में बाल कृष्ण प्रतियोगिता,
5 से 10 वर्ष तक के बच्चों में राधा-कृष्ण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
सभी वर्गों में बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा शेष प्रतिभागियों को भी सांत्वना पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति :
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, श्रीकांत बुधिया, राधेश्याम बंसल, महापौर संजू देवी राजपूत, नरेन्द्र देवांगन और प्रफुल्ल तिवारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को आशीर्वाद दिया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मंदिर में सजी झांकियों की प्रशंसा करते हुए इसे अद्वितीय बताया। वहीं, महापौर संजू राजपूत ने मंदिर ट्रस्टी अशोक मोदी की सराहना की और कहा कि मोदी जी अपने सामाजिक कार्यों से सबको प्रेरणा देते हैं। उन्होंने मंदिर की व्यवस्था और अनुशासन की भी प्रशंसा करते हुए आयोजकों को बधाई दी।
भजन संध्या और रात्रि का उत्सव :
प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी रात 8 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया गया। पोंडी की प्रज्ञा और पंकजा दीदी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने उपस्थित भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मंदिर परिसर देर रात तक भक्ति गीतों से गूंजता रहा।
रात्रि 11:30 बजे से रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया। ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव और नंदोत्सव मनाया गया। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और बधाई गीतों के साथ पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा। जन्म के उपरांत भक्तों में माखन-मिश्री, पंजीरी और फलों का प्रसाद वितरित किया गया।
व्यवस्था में प्रशासन और समितियों का योगदान :
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। महिला पुलिस बल, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभाला। नगर पालिक निगम कोरबा ने भी आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।
मंदिर परिवार का आभार :
श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ने समस्त भक्तों, सामाजिक संगठनों, पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग, नगर पालिक निगम और विभिन्न समितियों का आभार प्रकट किया। ट्रस्ट ने कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इस वर्ष की जन्माष्टमी ने यह सिद्ध कर दिया कि श्री सप्तदेव मंदिर की ख्याति अब जिले तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे प्रदेश में इसकी गूंज सुनाई देती है। प्रतिवर्ष यहां भक्तों की बढ़ती संख्या इसकी लोकप्रियता और भव्यता का प्रमाण है।

