March 15, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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भाद्रपद मास में सावधानियां और स्वास्थ्य मंत्र — दही, गुड़ व पत्तेदार सब्जी से करें परहेज, तुलसी-दल व अदरक का सेवन लाभकारी : आयुर्वेदाचार्य डॉ. नागेंद्र शर्मा

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा।हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद (भादो) मास का आरंभ 10 अगस्त 2025, रविवार से हो चुका है, जो 7 सितंबर 2025, रविवार तक रहेगा। इस मौसम में खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। छत्तीसगढ़ के ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ, आयुर्वेदाचार्य एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने भादो मास में आहार-विहार संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनका पालन कर मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।

भाद्रपद मास का स्वास्थ्य महत्व
आयुर्वेद के अनुसार इस समय वर्षा ऋतु का प्रभाव अधिक रहता है, वातावरण में नमी और गंदगी के कारण मच्छर, मक्खियां एवं अन्य कीटाणु पनपते हैं। इससे मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, त्वचा रोग, पेट संबंधी रोग, जोड़ों का दर्द, गठिया और आंखों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस माह में वात दोष की वृद्धि और जठराग्नि मंद होने से पाचन क्षमता भी कमजोर हो जाती है।

आहार में क्या करें, क्या न करें

परहेज करें: दही, छाछ, गुड़, पत्तेदार सब्जियां, नारियल तेल, मछली, मांस, मदिरा, बासी भोजन और कच्ची सब्जियों से।

सेवन करें: घी, माखन, पुराने अनाज (जौ, गेहूं), राई, खिचड़ी, मूंग, लौकी, परवल, तरोई, अदरक, जीरा, मैथी, सरसों का तेल, तुलसी-दल और गर्म ताजे भोजन।

कच्ची सब्जियों को उबालकर ही खाएं और पानी को उबालकर गुनगुना पिएं।

जीवनशैली में बदलाव

स्नान सामान्य शीतल जल से करें और भीगने से बचें।

स्वच्छ, हल्के और सूखे वस्त्र पहनें, नमी वाले स्थान से दूर रहें।

दिन में एक समय ही भोजन करें, जैसा कि स्कंद पुराण में उल्लेख है।

नंगे पैर गीली मिट्टी, कीचड़ में न जाएं, और बाहर से लौटने पर हाथ-पांव धोकर पोंछ लें।

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और आसपास पानी जमा न होने दें।

दिन में सोना, रात में अधिक जागना, अज्ञात जलाशय में स्नान, अत्यधिक परिश्रम और धूप सेवन से बचें।

विशेष सावधानी
डॉ. शर्मा ने चेताया कि इस मौसम में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस समय BP बढ़ने की संभावना अधिक रहती है।

उन्होंने कहा कि ऋतुचर्या का पालन करते हुए सात्विक आहार और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने से व्यक्ति वर्षभर स्वस्थ रह सकता है और मौसमी बीमारियों से बच सकता है।

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