कोरबा जेल ब्रेक कांड: लापरवाही की बड़ी कीमत, जेलर समेत चार प्रहरी निलंबित – दो फरार कैदी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ कोरबा, 5 अगस्त 2025
कोरबा जिला जेल से चार विचाराधीन बंदियों के फरार होने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को आंशिक सफलता तो मिली है, लेकिन जेल प्रशासन की लापरवाही ने पूरे राज्य की जेल व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फरारी के तीसरे दिन पुलिस ने भागे हुए चार में से दो बंदियों को रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी दो अब भी फरार हैं।
इस शर्मनाक चूक के बाद कोरबा जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जेलर और चार जेल प्रहरियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि शासन अब इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना चुका है।
कैसे फूटा सुरक्षा का गुब्बारा?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई। न तो समय पर गश्त की गई, न ही सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही थी। जिस समय बंदी फरार हुए, उस वक्त संबंधित प्रहरियों की ड्यूटी पर लापरवाही दर्ज की गई है। यह घटना न सिर्फ कोरबा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की जेल प्रणाली के लिए एक बड़ा धब्बा बन चुकी है।
तेज हुई पुलिस की कार्रवाई, दो बंदी दबोचे गए
फरारी के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने जिलेभर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। ड्रोन, डॉग स्क्वॉड, हाईवे चेकपोस्ट और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया गया। इसी का नतीजा रहा कि दो फरार बंदी रायगढ़ जिले से धर-दबोचे गए। पुलिस का दावा है कि बाकी दोनों बंदियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
सूचना देने पर ₹10,000 का इनाम – पहचान रहेगी गुप्त
पुलिस ने फरार बंदियों से संबंधित सूचना देने वालों के लिए ₹10,000 के इनाम की घोषणा की है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
राज्यभर में किरकिरी – क्या और ढीली है जेल सुरक्षा व्यवस्था?
कोरबा जेल ब्रेक कांड अब राज्यव्यापी चिंता का विषय बन चुका है। विपक्ष से लेकर आमजन तक शासन-प्रशासन से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसी लापरवाही कैसे हो गई? क्या अन्य जेलों में भी ऐसी ही खामियां मौजूद हैं? यह मामला अब एक नजीर बन गया है कि यदि सुधार नहीं हुए, तो अगली बड़ी चूक और भी गंभीर परिणाम ला सकती है।


