जर्जर भवन में संचालित हो रही जवाली की शासकीय उचित मूल्य की दुकान, बारिश में टपकता पानी बना ग्रामीणों की परेशानी



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। ग्राम जवाली (जिला कोरबा) में 35 वर्ष पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रही शासकीय उचित मूल्य की दुकान लगातार ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। 1980 में निर्मित इस शासकीय गोदाम भवन की छत से बरसात के दिनों में पानी रिसता रहता है, जिसके चलते दुकान का संचालन प्रभावित होता है।

छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 के तहत संचालित इस दुकान (क्रमांक 5520003023) से गांव के 1075 परिवारों को चावल, मिट्टी तेल, चना, शक्कर, नमक आदि सामग्री अल्प शुल्क पर उपलब्ध कराई जाती है। दुकान का संचालन चांदनी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।
बरसात के दिनों में पानी टपकने के कारण ग्रामीणों को राशन वितरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समूह की महिलाएं मरम्मत कार्य कराना चाहती हैं, किंतु बार-बार नुकसान और अतिरिक्त खर्च के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। आर्थिक नुकसान से परेशान होकर पांच महिलाएं इस कार्य को पहले ही छोड़ चुकी हैं।
ग्राम पंचायत के सरपंच और जनप्रतिनिधियों को मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। ग्राम के लोगों का कहना है कि यदि समय पर जनहित से जुड़े ऐसे कार्य पूरे कर दिए जाएं तो गांव का विकास और जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा दोनों में वृद्धि होती है।
ग्रामीणों का मानना है कि गांव की अनेक समस्याओं जैसे उत्पादन बढ़ाना, शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और शांति व्यवस्था के लिए पंचायत और प्रशासन को सक्रिय होना चाहिए। अब देखना यह है कि इस जर्जर भवन की मरम्मत और उचित मूल्य की दुकान की समस्या का समाधान ग्राम पंचायत करेगी या फिर शासकीय विभाग के हस्तक्षेप से होगा।


