विदेशी वस्तुओं का पूर्ण बहिष्कार कर स्वदेशी को जन आंदोलन बनाएं – डॉ. राजेश राठौर




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर ने जोशीले अंदाज में कहा कि अब समय आ गया है जब हर भारतवासी को विदेशी वस्तुओं के मोह से बाहर निकलकर स्वदेशी के मार्ग पर चलना होगा।
उन्होंने आक्रामक शब्दों में कहा –
> “अमेरिका और अन्य विदेशी ताकतें टैरिफ लगाकर हमारी अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही हैं। विदेशी कंपनियां हमारे देश का पैसा लूटकर बाहर ले जाती हैं। अब चुप रहने का वक्त नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया का मंत्र केवल नारा नहीं, यह देश के पुनर्निर्माण का संकल्प है। विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करें और स्वदेशी अपनाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।”
डॉ. राठौर ने कहा कि विदेशी उत्पादों को त्यागने से देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, स्थानीय उद्योग और व्यापार मजबूत होंगे और भारत आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनेगा कि कोई भी विदेशी शक्ति हमारी तरफ आँख उठाकर नहीं देख पाएगी।
उन्होंने जनता को चेतावनी दी –
> “जो लोग आज भी विदेशी ब्रांड के पीछे भाग रहे हैं, वे देश की जड़ों को कमजोर कर रहे हैं। अब हर नागरिक को संकल्प लेना होगा – विदेशी नहीं, केवल स्वदेशी।”
इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1905 का बंग-भंग विरोधी स्वदेशी आंदोलन, अरविन्द घोष, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, लोकमान्य तिलक, लाला लाजपत राय और महात्मा गांधी जैसे महान नेताओं ने स्वदेशी को आजादी का आधार बनाया। गांधी जी ने तो इसे ‘स्वराज की आत्मा’ कहा था।
महावीर प्रसाद द्विवेदी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा –
> “स्वदेशी अपनाकर ही भारत को आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनाया जा सकता है।”
समापन में उन्होंने जोर देकर कहा –
> “स्वदेशी अपनाएं, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करें और भारत को विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाएं।”
इस भाषण के दौरान उपस्थित लोगों ने ‘स्वदेशी अपनाओ – देश बचाओ’ के नारे लगाकर समर्थन जताया।


