“बालको ने प्राइड मंथ पर रचा नया इतिहास: संयंत्र और समुदाय में समावेशिता व समानता की अलख”




बालकोनगर, 03 जुलाई 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने इंटरनेशनल प्राइड मंथ के अवसर पर संयंत्र और समुदाय में समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के कंपनी के संकल्प को मजबूत करना था।

बालको ने इस अवसर पर ‘डायवर्सी दी’ नामक शुभंकर लॉन्च किया, जो पूरे महीने चलने वाले जागरूकता अभियान का प्रतीक रहा। इस अभियान के अंतर्गत संयंत्र और आसपास के समुदाय में मूवी स्क्रीनिंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन प्रतियोगिता, प्राइड मार्च और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और स्थानीय समुदाय के लगभग 500 लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को लैंगिक संवेदनशीलता, विविधता और समावेशी समाज के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। संयंत्र में आयोजित प्राइड मार्च और रचनात्मक गतिविधियों ने समावेशी कार्यस्थल संस्कृति को और सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा, “बालको का यह प्रयास केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी का हिस्सा है। हम समानता, गैर-भेदभाव और सभी के लिए अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के लिए संवेदीकरण कार्यशालाओं का आयोजन करना हमारे लिए गौरव की बात है। हमारा उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सभी प्रतिभाओं का सर्वोत्तम उपयोग करना है।”
समुदाय के साथ आयोजित विशेष सत्र में छत्तीसगढ़ तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की सदस्य और मितवा संकल्प समिति की सचिव रवीना बरिहा ने कहा, “बालको ने सिर्फ एक दिन के आयोजन तक अपनी पहल सीमित नहीं रखी, बल्कि तीन साल पहले से ही एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय को अपने कार्यबल में शामिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इस समुदाय के सदस्य न केवल संयंत्र में बल्कि सुरक्षा और शॉपफ्लोर ऑपरेशन्स जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी शानदार योगदान दे रहे हैं। मैं बालको की इस पहल की सराहना करती हूं।”

बालको में कार्यरत देवसेना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरे लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना एक सपना था, लेकिन नौकरी के साथ यह संभव नहीं लगता था। वेदांता बालको की शिक्षा नीति ने मुझे वित्तीय सहयोग प्रदान किया। अब मैं आत्मविश्वास के साथ प्रोफेशनल डेवेलपमेंट कोर्स कर रही हूं। यह सिर्फ एक मदद नहीं, बल्कि एक सशक्तिकरण है।”

बालको ने विविधता, समानता और समावेशिता के अपने चार्टर के तहत कई नीतियों को लागू किया है। इनमें ‘जेंडर रीअफर्मेशन लीव्स एंड कॉम्पेंसेशन पॉलिसी’ शामिल है, जिसके तहत ₹2 लाख का एकमुश्त अनुदान और सर्जरी के लिए 30 दिन की सवेतन छुट्टी प्रदान की जाती है। साथ ही ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए आवास सहायता और ‘फाइनेंशियल सपोर्ट फॉर हायर ऑफ ट्रांसजेंडर एम्प्लॉई’ के तहत व्यावसायिक शिक्षा हेतु ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता भी शामिल है।
यह पहल न केवल बालको को समावेशी कार्यस्थल के रूप में स्थापित करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ और देश के औद्योगिक परिदृश्य में भी सामाजिक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है।



