ममता, त्याग और प्रेम को नमन — आज पूरी दुनिया मना रही है ‘मदर्स डे’



मां सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत है
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// आज 10 मई 2026 को पूरे भारत सहित दुनिया के कई देशों में Mother’s Day बड़े ही प्रेम, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के साथ मनाया जा रहा है। हर वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाने वाला यह विशेष दिवस मां के त्याग, समर्पण, संघर्ष और निस्वार्थ प्रेम को समर्पित होता है। �
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मां वह शक्ति है, जो अपने बच्चों के जीवन को संवारने के लिए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहती है। बच्चे की पहली शिक्षक, पहली मित्र और सबसे बड़ी प्रेरणा मां ही होती है। यही कारण है कि मदर्स डे केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मां के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे भावुक अवसर माना जाता है।
मदर्स डे का इतिहास
मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से मानी जाती है। इसे आधिकारिक रूप से मनाने का श्रेय अमेरिकी महिला Anna Jarvis को दिया जाता है। उन्होंने अपनी मां की स्मृति में इस दिवस को मनाने की पहल की थी। बाद में वर्ष 1914 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Woodrow Wilson ने मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे घोषित किया। �
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आज यह दिवस भारत समेत दुनिया के 50 से अधिक देशों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। �
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मां के बिना अधूरी है जिंदगी
मां वह छांव है, जो खुद धूप में जलकर भी अपने बच्चों को ठंडक देती है।
वह बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों की खुशी के लिए दिन-रात मेहनत करती है।
बचपन से लेकर जीवन के हर संघर्ष तक मां का साथ इंसान को मजबूत बनाता है। इसलिए कहा जाता है—
“भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां बनाई।”
आज के दिन लोग कैसे करते हैं अपनी मां को सम्मानित
मदर्स डे पर बच्चे अपनी मां को विशेष महसूस कराने के लिए कई तरीके अपनाते हैं—
मां को उपहार देना
केक काटना और सरप्राइज पार्टी करना
फूल और ग्रीटिंग कार्ड देना
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करना
मां के साथ समय बिताना
उनके लिए पसंदीदा भोजन बनाना
कई स्कूलों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं द्वारा भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। �
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आज ‘विश्व ल्यूपस दिवस’ भी मनाया जा रहा
आज के दिन World Lupus Day भी मनाया जाता है। यह दिवस ल्यूपस नामक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2004 में की गई थी। �
World Lupus Federation
विशेष संदेश
मां का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन होना चाहिए।
जिस घर में मां मुस्कुराती है, वहां सुख, शांति और समृद्धि अपने आप चली आती है।
आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि जीवन में मां का स्थान सबसे ऊपर है और उनके त्याग का कोई मूल्य नहीं चुकाया जा सकता।


