“गड्ढा तो खोद दिया… भरना भूले! सीएसईबी की लापरवाही से स्कूली बस फंसी, बाल-बाल बचे दर्जनों मासूम”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ शहर में लापरवाही की एक और मिसाल सामने आई है, जहाँ छात्रों से भरी एक निजी विद्यालय की बस सड़क किनारे बने गड्ढे में धंस गई। यह हादसा कोरबा के पश्चिम कॉलोनी क्षेत्र में हुआ, जहाँ सीएसईबी द्वारा पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत में भारी अनदेखी की गई थी। गनीमत रही कि चालक की सतर्कता से समय रहते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोज की तरह डीडीएम पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेने सीएसईबी-पश्चिम कॉलोनी पहुंची थी। बस जैसे ही बच्चों को लेकर विद्यालय की ओर रवाना हुई, तभी वह कॉलोनी की सड़क पर बने गड्ढे में धंस गई। यह गड्ढा पानी की पाइपलाइन डालने के लिए सिविल विभाग द्वारा काटा गया था। लेकिन पाइपलाइन बिछाने के बाद उस गड्ढे को मजबूती से नहीं भरा गया। खानापूर्ति के लिए उस पर हल्की मिट्टी डाल दी गई, जो हालिया बारिश के कारण बैठ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डामर सड़क पर मिट्टी भरना अपने-आप में ही तकनीकी रूप से गलत है, और यह स्पष्ट रूप से सिविल विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। बस फंसने से बच्चे घबरा गए लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को काबू में रखा। यदि बस थोड़ी और गहराई में धंसती, तो जान-माल की भारी हानि हो सकती थी।
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि “गड्ढा तो खोद देते हैं, लेकिन भरते वक्त सिर्फ फोटो खिंचवाने लायक मिट्टी डाल दी जाती है।” यह हादसा सिविल विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
मांग की जा रही है कि –
इस लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच हो।
सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
स्कूल बसों के नियमित मार्गों पर सुरक्षा और स्थायित्व की गारंटी सुनिश्चित की जाए।


