“विकसित भारत का मतलब है – समृद्ध, संपन्न और सुरक्षित राष्ट्र”: विधायक चैतराम अटामी, भाजपा की प्रोफेशनल मीट में हुआ 11 वर्षों की उपलब्धियों का सारगर्भित विश्लेषण




दंतेवाड़ा, 21 जून।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी दंतेवाड़ा द्वारा शुक्रवार शाम जिला ग्रंथालय में “संकल्प से सिद्धि : 11 साल बेमिसाल” अभियान के अंतर्गत प्रोफेशनल मीट का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी ने मोदी सरकार की दूरदृष्टिपूर्ण नीतियों और देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विधायक अटामी ने कहा कि, “विकसित भारत का अर्थ है एक ऐसा राष्ट्र जो समृद्ध हो, संपन्न हो और पूरी तरह से सुरक्षित हो। नरेंद्र मोदी जी की सरकार बीते 11 वर्षों से इसी दिशा में देश को आगे बढ़ा रही है। आज देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक लक्ष्य के साथ जागरूक किया जा रहा है – 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना।” उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई देश एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ एकजुट होकर प्रयास करता है, तो परिणाम अवश्य दिखाई देते हैं और भारत आज उसी परिवर्तन की राह पर है।

इस कार्यक्रम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सोनी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने “विकसित भारत” के लिए युवाओं से सुझाव आमंत्रित किए थे, जिसमें 10 लाख से अधिक छात्रों ने भागीदारी की। उन्होंने कहा, “गरीबी हटाने का नारा पहले भी दिया गया था लेकिन उस समय वह नारा केवल चुनावी लाभ तक सीमित रहा। लेकिन मोदी सरकार ने योजनाओं को जमीन पर उतारा और एक-एक जरूरतमंद तक सुविधाएं पहुंचाई हैं।”
उन्होंने बताया कि अंत्योदय की भावना से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को मोदी सरकार ने साकार किया है। देशभर के करोड़ों गरीब परिवारों को शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस, प्रधानमंत्री आवास योजना से घर और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हुई हैं। वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग के अनुसार 27 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं।

कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता ने भी संबोधित किया। उन्होंने देश में हो रहे बुनियादी ढांचे के तेज विकास की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के खातों में सीधे 6,000 रुपए प्रति वर्ष की सहायता दी जा रही है। रेलवे, सड़क, डिजिटल भुगतान, मेडिकल शिक्षा, हर क्षेत्र में देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाला है। रक्षा के क्षेत्र में आज हम आयात से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े हैं – राफेल निर्माण, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और हथियारों के निर्यात के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को अपनी शक्ति दिखाई है।”
श्री गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं ने महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया है। आज महिलाएं राष्ट्रपति की सुरक्षा से लेकर गणतंत्र दिवस की परेड और फाइटर जेट उड़ाने तक देश की सेवा कर रही हैं। आने वाले समय में 33% आरक्षण के साथ महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने कहा कि कांग्रेस शासन में देश की सुरक्षा ढह चुकी थी। मोदी सरकार ने सेना को सशक्त किया, घुसपैठ और आतंकवाद का करारा जवाब दिया। एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऐतिहासिक कदमों से देश की सैन्य क्षमता का विश्वभर में लोहा मनवाया गया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को विदेशी निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।
श्री मुडामी ने यह भी कहा कि आज भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश बन चुका है, जो हमारे वैज्ञानिकों और नेतृत्व की दूरदृष्टि का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद समाप्ति की दिशा में भी तेज़ी से कार्य हो रहा है। बस्तर क्षेत्र को मार्च 2026 तक पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है और यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

इस प्रोफेशनल मीट में प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी, कमला विनय नाग, धीरेन्द्र प्रताप, पिंटू उइके, मुकेश शर्मा, सत्यजीत चौहान, सुनीता भास्कर, अरविंद कुंजाम, श्रवण कड़ती, जय भंसाली, पायल गुप्ता, महावीर महेश्वरी, सुभद्रा नेगी, रजनीश सुराना, जसवीर नेगी, रूबी शैलेन्द्र सिंह, ममता गुप्ता, कुणाल ठाकुर, शैलेन्द्र सिंह, बैसू मंडावी, विजय सोढ़ी, मोहन ठाकुर, राजेश बोरबन, तिलेस्वरी नागेश, चंदन ध्रुव, गौतम भाठी, निखिल नाग, सुरेंद्र भास्कर, राजेश सुराना, विक्रम नहक, कमल ठाकुर, सुजीत ठाकुर, लक्ष्मी यादव, भूपेंद्र ठाकुर, अजय अवस्थी, सूरज ठाकुर, चंद्रकांत स्वाई, शिव सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम न केवल केंद्र सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज़ बना, बल्कि भविष्य के भारत की रूपरेखा को सामने रखते हुए एक प्रेरक संदेश भी दिया – कि अगर हम एकजुट होकर चलें, तो भारत न केवल आत्मनिर्भर बल्कि विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो सकता है।


