छत्तीसगढ़ को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सौगात: नया रायपुर में बनेगा एनएफएसयू कैंपस, 400 करोड़ की परियोजना का करेंगे भूमिपूजन




रायपुर, 19 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आगामी 22 एवं 23 जून को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। इस दौरान प्रदेश को एक बड़ी शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक सौगात मिलने जा रही है। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) का एक पूर्ण विकसित कैंपस स्थापित किया जाएगा। इसके लिए नया रायपुर में 40 एकड़ जमीन राज्य सरकार द्वारा आवंटित की जा चुकी है। केंद्र सरकार इस परियोजना के तहत लगभग 350 से 400 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण एवं आवश्यक अधोसंरचना का विकास करेगी।
उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक साइंस जैसे अत्याधुनिक एवं रोजगारोन्मुख क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। श्री शर्मा ने बताया कि हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत सात वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साइंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह विश्वविद्यालय राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इसके साथ ही, एनएफएसयू कैंपस के पास ही 6 से 7 एकड़ क्षेत्र में एक आधुनिक फॉरेंसिक लैब भी स्थापित की जाएगी। श्री शाह इन दोनों परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन करेंगे। जब तक स्थायी भवन का निर्माण नहीं होता, तब तक एक ट्रांजिट कैंपस में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे इस शैक्षणिक वर्ष से ही पढ़ाई शुरू हो सके।
श्री विजय शर्मा ने आगे बताया कि अपने प्रवास के दौरान श्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक लेंगे और किसी एक विशेष कैम्प का दौरा भी करेंगे। इसके पश्चात वे 23 जून को दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रदेश में एनएफएसयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना को लेकर सरकार और युवाओं में भारी उत्साह है। यह छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में एक नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


