ग्रीष्मकालीन शिविर के माध्यम से बालको ने बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और जीवन कौशल को दी नई उड़ान




बालकोनगर, 17 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ वेदांता समूह की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर ने बच्चों के सर्वांगीण विकास को एक नया आयाम दिया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, जीवन कौशल, शैक्षणिक सुदृढ़ता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था। इस वर्ष दो चरणों में आयोजित शिविर में कुल 600 से अधिक बच्चों ने भाग लिया, जो बालको की कर्मचारी कल्याण और सामुदायिक विकास की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘प्रोजेक्ट कनेक्ट’ के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 14 दिवसीय सत्र
बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट कनेक्ट’ के अंतर्गत शिविर के प्रथम चरण का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 12वीं तक के 200 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। ये सभी विद्यार्थी आसपास के सरकारी स्कूलों से हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के माहौल को समृद्ध करना, शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और विज्ञान, अंग्रेज़ी, गणित व लेखाशास्त्र (सेमा) जैसे विषयों में करियर मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
इसके साथ ही, शिविर में कैलीग्राफी, चित्रकला, नृत्य, व्यक्तित्व विकास, आत्मरक्षा जैसे विषयों पर जीवन कौशल आधारित गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिन्हें बालको के कर्मचारी स्वयंसेवकों ने संचालित किया।
टाउनशिप के 400 से अधिक बच्चों ने भी पाया लाभ
शिविर के दूसरे चरण में बालको टाउनशिप में रह रहे कर्मचारियों के बच्चों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 400 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस सत्र में योग, गुड टच–बैड टच जागरूकता, रचनात्मक गतिविधियाँ और सीखने को आनंददायक बनाने वाले सत्र शामिल थे।
यह शिविर बालको द्वारा जीवन गुणवत्ता को बढ़ाने और बच्चों को सकारात्मक दिशा देने की सतत परंपरा का हिस्सा है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा,
> “बच्चे हमारे उज्ज्वल भविष्य की आशा हैं। उन्हें अवसर, स्नेह और प्रेरणा के साथ पोषित करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है। बालको में हम न केवल अपने कर्मचारियों के परिवारों बल्कि समुदाय को भी अपने साझा उद्देश्य का अभिन्न अंग मानते हैं।”

प्रतिभागी छात्रा की प्रतिक्रिया
शिविर में भाग लेने वाली सरकारी स्कूल की छात्रा अंजलि साहू ने कहा,
> “प्रोजेक्ट कनेक्ट से मुझे सालभर पढ़ाई में मदद मिली है। ग्रीष्मकालीन शिविर में आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास सत्रों ने मुझे आत्मविश्वास दिया और पढ़ाई को रोचक बना दिया।”
समावेशिता और सहयोग की मिसाल बना बालको
यह ग्रीष्मकालीन शिविर न केवल शिक्षा, रचनात्मकता और आत्मरक्षा को बढ़ावा देने वाला मंच रहा, बल्कि बालको द्वारा समावेशी विकास और समुदाय से जुड़ाव की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल भी सिद्ध हुआ।


