“लव जिहाद प्रकरण में बिलासपुर उच्च न्यायालय का अहम फैसला — कोलकाता में हुई शादी को बताया अवैध, शोभा सिंह को बाल्को शक्ति केंद्र भेजने का आदेश”




📍 कोरबा / बिलासपुर, 12 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ बिलासपुर उच्च न्यायालय ने चर्चित लव जिहाद प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका को निराकृत कर दिया है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि कोलकाता की मस्जिद में की गई शादी पूरी तरह से अवैध है और इस विवाह को विधिक मान्यता नहीं दी जा सकती।
अदालत ने निर्देशित किया है कि यदि दोनों पक्ष अब भी विवाह संबंध में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के अंतर्गत नियमानुसार आवेदन करना होगा। इसके साथ ही अदालत ने युवती शोभा सिंह को बाल्को शक्ति केंद्र में वापस भेजने का आदेश दिया है।
हिन्दू जागरण मंच और अन्य हिन्दू संगठनों की सक्रिय भूमिका:
इस निर्णय के पीछे घटना की शुरुआत से 11 जून के फैसले तक हिन्दू जागरण मंच की सक्रिय भागीदारी को निर्णायक माना जा रहा है।
कोरबा जिले से:

आशीष सिंह – जिला संयोजक, हिन्दू जागरण मंच
अखिलेश जायसवाल – जिला सह संयोजक
संदीप प्रताप सिंह – जिला सह संयोजक
सुरेश झा – जिला कार्यकारिणी सदस्य
स्मिता सिंह – जिला कार्यकारिणी सदस्य
मिथिलेश पांडे- जिला कार्यकारिणी सदस्य
शांति यादव- महिला आयाम प्रमुख
इन सभी ने प्रकरण को न्याय तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
बिलासपुर जिले से भी हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने मजबूती से समर्थन दिया:
शैलेश सिंह बिसेन – जिला संयोजक,
यतिन्द्र नाथ मिश्रा – जिला सह संयोजक
राम सिंह ठाकुर – सर्व हिन्दू समाज, जिला संयोजक
🔺 निष्कर्ष:
यह निर्णय लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर न्यायालय की सख्त दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही यह प्रकरण एक बार फिर यह दर्शाता है कि सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सजगता और कानूनी जागरूकता से न्यायिक प्रक्रिया कैसे प्रभावित होती है।
हर हर महादेव 🚩


