“देवांगन समाज के सामुदायिक भवन में किचन निर्माण हेतु महापौर ने घोषित किए 5 लाख रुपये, सामाजिक एकता और विकास पर बल”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। छत्तीसगढ़ के सामाजिक व सांस्कृतिक विकास की दिशा में सतत रूप से सक्रिय देवांगन समाज ने एक बार फिर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए सामुदायिक भवन के सुदृढ़ीकरण हेतु अहम पहल की है। इसी क्रम में आयोजित एक विशेष समारोह में समाज के पदाधिकारियों और नागरिकों की उपस्थिति में सामुदायिक भवन में रसोईघर निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग की घोषणा की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने समाज की भावना का सम्मान करते हुए महापौर निधि से किचन निर्माण हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। महापौर की इस घोषणा से समाजजनों में उत्साह देखा गया और सभी ने इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

समारोह को संबोधित करते हुए देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप देवांगन ने कहा कि किसी भी समाज के समुचित विकास में सामाजिक एकता की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को भुलाकर यदि हम समाज, राज्य और देश के हित में एकजुट होकर कार्य करें, तो निश्चित ही हर स्तर पर समृद्धि और प्रगति संभव है। उन्होंने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु आभार प्रकट किया और महापौर द्वारा किचन निर्माण में सहयोग के लिए धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन के नेतृत्व में समाज के लोगों ने सामुदायिक भवन में रसोई निर्माण का आग्रह महापौर से किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

लोकार्पण समारोह में मेयर इन काउंसिल सदस्य श्रीमती धनकुमारी गर्ग, पार्षद पंकज देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, सिमरनजीत कौर, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, मुकेश देवांगन, झकेन्द्र देवांगन, सुशील गर्ग, दिनेश वैष्णव, बुधवारा देवांगन, लक्ष्य चतुर्वेदी, जोन कमिश्नर प्रकाश चन्द्रा, सहायक अभियंता गोयल सिंह विमल, आकाश अग्रवाल, किरण साहू, रवि देवांगन, गजेन्द्र देवांगन, करूणाशंकर देवांगन, सरस देवांगन, शरद देवांगन, महावीर देवांगन, सुरेश देवांगन, लक्ष्मीचंद देवांगन सहित बड़ी संख्या में समाजजन व नागरिकगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि जब समाज अपने दायित्वों के प्रति सजग हो, तो विकास की राह सहज हो जाती है। देवांगन समाज द्वारा किए जा रहे प्रयास अन्य सामाजिक संगठनों के लिए प्रेरणास्पद हैं।


