रोजगार की मांग पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे 4 भू-विस्थापित गिरफ्तार, माकपा व किसान संगठनों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी







कोरबा, 6 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कुसमुंडा खदान क्षेत्र में रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे चार भू-विस्थापितों—सरिता कौशिक, गोमती केवट, मीना कंवर और लंबोदर श्याम—को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), छत्तीसगढ़ किसान सभा और अन्य भू-विस्थापित संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है और शनिवार को एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहान का पुतला दहन करने की घोषणा की है।
संगठनों का कहना है कि खदान के लिए वर्ष 1978 से 2004 तक अधिग्रहित की गई भूमि के बदले आज तक प्रभावितों को न तो रोजगार दिया गया है और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई है। ऐसे भू-विस्थापितों की संख्या 1000 से अधिक है, जो लंबे समय से रोजगार और पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। अप्रैल माह में भी एसईसीएल प्रबंधन ने प्रशांत झा सहित 13 भू-विस्थापितों पर दंगा फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।
माकपा के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल और प्रशासन की संवेदनहीनता और दमनकारी नीति के कारण ही आंदोलन तीव्र हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से हरीश दुहान ने एसईसीएल के सीएमडी का पदभार संभाला है, तब से कोलफील्ड क्षेत्र में आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा खदान में महिलाओं की गिरफ्तारी इस दमन की अगली कड़ी है।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू और सुमेंद्र सिंह कंवर ने फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेने और वास्तविक पात्र भू-विस्थापितों को रोजगार देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो मुआवजा सहित अधिग्रहित जमीन लौटाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन संघर्ष जारी रहेगा।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव, दामोदर श्याम, रघु यादव और जय कौशिक ने कहा कि गिरफ्तार भू-विस्थापितों की तत्काल रिहाई की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का पालन करना ही होगा और किसान व भू-विस्थापित संगठनों के संयुक्त आंदोलन के जरिए उसे बाध्य किया जाएगा।
इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।





