February 11, 2026

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बरपानी के बच्चों को मिला उज्ज्वल भविष्य, पहाड़ी कोरवा बाहुल्य स्कूल में पहुंचे नियमित शिक्षक

 


कोरबा, 06 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/  छत्तीसगढ़ शासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय और दूरगामी कदम उठाते हुए राज्य के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अहम पहल की है। कोरबा जिले के बरपानी गांव के प्राथमिक विद्यालय में अब नियमित प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे वर्षों से चली आ रही शिक्षकों की कमी की समस्या दूर हो गई है।

शहर से लगभग 80 किलोमीटर दूर ग्राम बरपानी, जो ग्राम पंचायत देवपहरी के अंतर्गत आता है, में विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवार निवास करते हैं। बरपानी के विद्यालय में पहले भवन और बुनियादी सुविधाएं तो उपलब्ध थीं, लेकिन नियमित शिक्षकों की अनुपलब्धता से बच्चों की शिक्षा बाधित होती रही। कभी अटैचमेंट तो कभी अतिथि शिक्षकों के भरोसे स्कूल चलता रहा, जिससे बच्चों की पढ़ाई सतत और प्रभावी नहीं हो पाती थी।

 

अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अतिशेष शिक्षकों के समायोजन की नीति के तहत शिक्षकों को ऐसे शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। इसी नीति के अंतर्गत बरपानी स्कूल में प्रधानपाठक कमल सिंह कंवर एवं सहायक शिक्षक अक्तिदास मानिकपुरी की नियमित नियुक्ति की गई है।

गांव के संपत लाल कोरवा ने बताया कि स्कूल में लगभग 25 बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन नियमित शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई में लगातार रुकावट आती रही। पिछले सत्र में एक अतिथि महिला शिक्षिका ही स्कूल संभालती थीं। अब प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक की पदस्थापना से गाँव वालों में प्रसन्नता है। ग्रामीण झुनी बाई, शैम्पूराम कोरवा और बुधवारी बाई ने बताया कि पहले शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कभी-कभी स्कूल बंद भी हो जाता था, लेकिन अब उम्मीद है कि हमारे बच्चों को निरंतर और अच्छी शिक्षा मिलेगी।

पहाड़ी कोरवाओं वाले स्कूलों को मिली प्राथमिकता

शिक्षा विभाग को शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में जिले के दूरस्थ, पिछड़े और शिक्षकविहीन विद्यालयों को चिन्हांकित किया गया। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा जनजाति बहुल इलाकों को इस योजना में प्राथमिकता दी गई। जिले के तीतरडाँड़, खमहूँन, नकिया, श्यांग, गोलहर, पेंड्रीडीह, कोरई, चिरईझुंझ, रफ्ता, खैरभवना और कदमझेरिया जैसे ग्रामों के स्कूलों में भी अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि इस योजना के जरिए जिले में वर्षों से उपेक्षित और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों को लाभ मिला है। खासकर पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्रों

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