March 14, 2026

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संविधान यात्रा पर कांग्रेस को भाजपा का करारा जवाब — केदार कश्यप बोले: “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली”

रायपुर, 19 मई 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/  छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ पर तीखा हमला बोलते हुए इसे एक “राजनीतिक पाखंड” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संविधान बचाने की बात करना वैसा ही है जैसे “सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली”

केदार कश्यप ने कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में रही है, तब-तब संविधान और लोकतंत्र का सबसे अधिक उल्लंघन हुआ है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए कहा कि उस दौरान नागरिक अधिकारों, प्रेस की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज को बेरहमी से कुचला गया था।

संविधान बचाने की बातें कांग्रेस को शोभा नहीं देती: केदार कश्यप

श्री कश्यप ने कहा कि आज कांग्रेस संविधान की रक्षा की बात कर रही है, जबकि उसी कांग्रेस ने संविधान की मूल प्रस्तावना में मनमाने तरीके से बदलाव किए, संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित किया और अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर गैर-कांग्रेसी सरकारों को बर्खास्त किया। उन्होंने याद दिलाया कि 1992 में बाबरी ढांचे के ढहने के बाद कांग्रेस ने भाजपा शासित चार राज्यों — मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश — की सरकारों को बर्खास्त कर दिया था।

राहुल गांधी के आरक्षण विरोधी बयान पर कांग्रेस की चुप्पी क्यों?

केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में आरक्षण का विरोध किया था, लेकिन आज वही कांग्रेस आरक्षण की रक्षा की बात कर रही है। उन्होंने पूछा, “कांग्रेस इस बयान पर चुप क्यों है?” क्या यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं है?

सीबीआई प्रतिबंध और संघीय ढांचे पर हमला

श्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार पर भी आरोप लगाया कि 2018 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने सीबीआई के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाकर संविधान के संघीय ढांचे को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि यह कदम संविधान के विरोध में उठाया गया शर्मनाक निर्णय था, जो कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है।

जांच एजेंसियों और ईवीएम पर संदेह फैला रही कांग्रेस

केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आज सत्ता से बाहर होकर ईडी, सीबीआई, ईवीएम जैसी संस्थाओं पर अविश्वास जता रही है और उनका अपमान कर रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया।

वामपंथी विचारधारा और विदेशी ताकतों का प्रभाव

कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वामपंथी और विदेशी विचारों से प्रभावित होकर भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान को कमजोर करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि “आज कांग्रेस न केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि वैचारिक रूप से भी दिवालिया हो चुकी है।”

भविष्य चेतावनी और आत्म मंथन का संदेश

अपने बयान के अंत में केदार कश्यप ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने आत्ममंथन नहीं किया और संविधान के नाम पर झूठ और पाखंड फैलाना बंद नहीं किया, तो जनता उसे इतिहास के कूड़ेदान में फेंकने में देर नहीं करेगी।

भाजपा ने कांग्रेस की संविधान यात्रा को पूरी तरह पाखंड बताते हुए कांग्रेस के ऐतिहासिक और समकालीन कार्यकालों में संविधान के उल्लंघन को उजागर किया है। मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए उसे संविधान पर नैतिकता का भाषण न देने की नसीहत दी है।

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