कोरबा जिले में “देश का प्रकृति परीक्षण” अभियान में प्रथम स्थान पाने पर डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा हुए सम्मानित




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” के अंतर्गत कोरबा जिले ने राज्य स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के श्री शिव औषधालय संस्थान के प्रसिद्ध नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने सर्वाधिक 600 लोगों का प्रकृति परीक्षण कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर उन्हें भव्य सम्मान समारोह में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह का आयोजन होटल जश्न, कोरबा में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ द्वारा किया गया था। इस अवसर पर संघ के संरक्षक डॉ. परस शर्मा, प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पंडा, और कोरबा जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. उदय शर्मा द्वारा डॉ. शर्मा को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कोरबा जिला आयुर्वेद अधिकारी संघ की जिलाध्यक्ष डॉ. सपना मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. कैलास पांडे, सचिव डॉ. ऋषिकेश नायक, तथा सदस्यगण डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, डॉ. अश्विनी आर्य, डॉ. बंशीधर नायक, डॉ. संगीता शर्मा, डॉ. उपमा नायक, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. राजकुमार यादव, डॉ. नेहा धृतलहरे, डॉ. रश्मि पंडा, डॉ. शिरीन सिंह, डॉ. राहुल जायसवाल, डॉ. राजेश गभेल, डॉ. गौरीशंकर साहू आदि उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त अभियान के कोरबा जिला समन्वयक डॉ. पवन कुमार मिश्रा सहित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन अपनी ओजस्वी वाणी में डॉ. गणेश प्रभुआ ने किया, जिससे समारोह में विशेष ऊर्जा का संचार हुआ।
डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा की यह उपलब्धि न केवल कोरबा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है, जो आयुर्वेद और नाड़ी परीक्षण के क्षेत्र में जन-जागरूकता और सेवा समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।


