चैतमा समाधान शिविर में 7794 आवेदनों का हुआ शत-प्रतिशत निराकरण, 5 पंचायतें घोषित हुईं टी.बी. मुक्त




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत चैतमा में आयोजित समाधान शिविर ने एक मिसाल कायम की। 08 मई 2025 (गुरुवार) को शासकीय माध्यमिक शाला भवन, चैतमा में आयोजित इस शिविर में कुल 7794 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका शत-प्रतिशत त्वरित और पारदर्शी निराकरण कर शासन की जनउत्तरदायी प्रतिबद्धता को साकार किया गया।
यह शिविर शासन द्वारा निर्धारित तीन चरणों की समाधान प्रक्रिया का अंतिम चरण था, जिसमें स्थायी समाधान की दिशा में ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, जनपद सदस्य श्रीमती इंदिरा पटेल, चैतमा सरपंच श्री राजलाल सिन्द्राम सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
मुख्य बिंदु:
- 7794 आवेदन प्राप्त, 100% निराकरण कर ग्रामीणों को त्वरित राहत
- राजस्व विभाग द्वारा दो हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र वितरित
- श्रम विभाग द्वारा चार श्रमिकों को श्रम कार्ड प्रदान
- टी.बी. मुक्त पंचायतों में बारीउमराव, मानिकपुर, डोडकी, सपलवा एवं बडेबांका को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए
- विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी व समाधान प्रदान किए
डॉ. पवन सिंह ने अपने संबोधन में सुशासन तिहार को जनता और शासन के बीच संवाद का सेतु बताते हुए कहा कि यह पहल शासन की जनसरोकारों के प्रति गंभीरता का उदाहरण है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं का लाभ लें और समस्याओं के समाधान हेतु ऐसे शिविरों में सक्रिय भागीदारी करें।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती सीमा पात्रे ने आवेदन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पूर्ण समाधान को शिविर की सफलता की कुंजी बताया।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग, जनपद पंचायत, राजस्व, श्रम, कृषि, शिक्षा, आदिवासी विकास, नगर प्रशासन सहित अनेक विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी दी और स्थल पर ही समस्याओं का निराकरण कर जनता को राहत दी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भूपेन्द्र कुमार सोनवानी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को शिविर की सफलता हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि शासन की गंभीरता, पारदर्शिता और सेवा भावना का परिचायक भी बना। ग्रामीणों ने इस शिविर के सफल आयोजन पर शासन का आभार जताते हुए भविष्य में ऐसे आयोजन की निरंतरता की मांग की।


