भारत-पाक तनाव के बीच 244 जिलों में होगा मॉक ड्रिल, नागरिकों को हवाई हमले से बचाव का मिलेगा प्रशिक्षण




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ नई दिल्ली, अप्रैल 2025: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार ने देशभर के 244 जिलों में एक बड़ी आपदा पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह मॉक ड्रिल 24 अप्रैल, रविवार को आयोजित की जाएगी। इसके पहले चरण में 22 अप्रैल को हुए एक आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में गृह मंत्रालय ने सुरक्षा और नागरिक जागरूकता के लिए यह कदम उठाया है।
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आम नागरिकों को किसी संभावित हवाई हमले या आतंकवादी घटना की स्थिति में सुरक्षा उपायों की जानकारी देना है। इस दौरान सायरन बजाए जाएंगे, जिससे लोगों को हमले के संकेत की पहचान हो सके और वे तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई कर सकें।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि वे अपने उपकरणों, विशेष रूप से सायरन सिस्टम और आपदा प्रबंधन संसाधनों की स्थिति की समीक्षा करें और उन्हें पूरी तरह से सक्रिय रखें। नागरिकों को मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सिखाया जाएगा कि किसी आपात स्थिति में उन्हें कहां और कैसे शरण लेनी है, किन सावधानियों का पालन करना है और किन सहायता सेवाओं से संपर्क करना है।
ड्रिल में शामिल अन्य प्रमुख बिंदुओं में हैं:
- हमले के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ‘ब्लैकआउट’ के प्रबंधन की रणनीति।
- महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों, संयंत्रों और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- आपदा प्रतिक्रिया टीमों की सक्रियता और राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास।
ड्रिल से एक दिन पूर्व, यानी 23 अप्रैल को गृह मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि किस प्रकार से देश के नागरिकों को हवाई हमले और आतंकवाद जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
इस मॉक ड्रिल में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम, दिल्ली और मुंबई जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य राज्यों के जिलों को शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य से केवल दुर्ग (भिलाई) को इस मॉक अभ्यास में शामिल किया गया है।
यह अभ्यास न केवल एक सुरक्षा पूर्वाभ्यास है, बल्कि देश की तैयारियों का भी मूल्यांकन है कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन और आम नागरिक कितने सजग और सक्षम हैं।


