गांव-बस्ती की चौपाल में दिखा लोकतंत्र का मानवीय चेहरा: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, दिए तत्काल समाधान के निर्देश




‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ में सूरजपुर की धरती बनी जनसरोकारों की सजीव मिसाल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ सूरजपुर, 04 मई 2025 “गांवों का विकास ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है” – इस मूल मंत्र को साकार करने में जुटी छत्तीसगढ़ शासन की कैबिनेट मंत्री व भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ के अंतर्गत उन्होंने रविवार को रैसरा, खड़ौली, जांज, रैसरी और चेंद्रा जैसे सुदूर गांवों में पहुंचकर जन संवाद किया और चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
भीषण गर्मी के बावजूद मंत्री राजवाड़े ने कहीं चबूतरे पर तो कहीं स्कूल के मैदान में ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समस्या समाधान के निर्देश दिए। यह दौरा सिर्फ औपचारिक जनसुनवाई नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की संवेदनशीलता और सेवा भावना का प्रमाण बन गया।
जनचौपालें बनीं जन संवाद का सशक्त माध्यम
जन संवाद यात्रा की शुरुआत रैसरा पंचायत से हुई, जिसके बाद खड़ौली के माध्यमिक शाला परिसर और जांज के स्कूल मैदान में चौपालों का आयोजन हुआ। इन चौपालों में पेयजल आपूर्ति, जर्जर सड़कों, और राजस्व मामलों में देरी जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। मंत्री राजवाड़े ने खड़ौली मार्ग निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की और शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।
बैंक खोलने की मांग पर दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
रैसरी पंचायत के बगीचा पारा में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने सहकारी बैंक की शाखा खोलने की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें बैंकिंग सुविधाओं के लिए बिश्रामपुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। मंत्री राजवाड़े ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को अध्ययन कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

साधारण अंदाज़, संवेदनशील नेतृत्व
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बिना किसी औपचारिकता के ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। मंच से दूर, जमीन पर बैठकर, आम जनता की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने सहज, सरल और संवेदनशील नेतृत्व का परिचय दिया। उनके साथ आए अधिकारियों ने भी कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करना प्रारंभ किया।
“जनप्रतिनिधि होना एक जिम्मेदारी है, सिर्फ पद नहीं”
हर चौपाल में मंत्री राजवाड़े का एक ही संदेश था – “मैं यहां मंत्री नहीं, आपकी बेटी, बहन और प्रतिनिधि बनकर आई हूं। आपकी हर समस्या मेरी जिम्मेदारी है।” उनके इस भावुक संवाद ने ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया। उनकी बातें केवल औपचारिक बयान नहीं थीं, बल्कि एक भरोसे और अपनत्व का प्रतीक बन गईं।
जनता से जुड़ाव ने बनाया इसे एक भागीदारी का मॉडल
जहां-जहां मंत्री पहुंचीं, वहां जनता का उत्साह देखते ही बनता था। महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और युवा – सभी ने खुलकर अपनी बातें रखीं और मंत्री ने उन्हें पूरे धैर्य और गंभीरता से सुना। इस दौरान न केवल समस्याएं दर्ज की गईं, बल्कि तत्काल समाधान की पहल भी की गई।
सहभागिता से समाधान की प्रेरक मिसाल
इस यात्रा में जिला पंचायत सदस्य बाबूलाल मारापो, जनपद अध्यक्ष इंद्रमणि पैकरा, जनपद सदस्य अनीता पैकरा, गौरी सिंह, दयाराम सिंह, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश तिवारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण पैकरा, सरपंच अशोक पैकरा समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इसे जनभागीदारी और सुशासन का सशक्त उदाहरण बना दिया।
‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ के तहत मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का यह दौरा केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, सरोकार और संवेदना का सजीव चित्र था। यह लोकतंत्र के उस चेहरे की याद दिलाता है, जो जनता के बीच जाकर, उनकी आंखों में आंखें डालकर कहता है – “सरकार आपके साथ है।”


