मुख्यमंत्री का कोरबा में आकस्मिक दौरा: सुशासन तिहार के समाधान शिविर में लिया जनता की समस्याओं का जायजा




“हम आपके सेवक हैं, समस्याएं बताएं, समाधान जरूर होगा” – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025 के तीसरे चरण का आगाज आज कोरबा जिले से हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पाली ब्लॉक के ग्राम मदनपुर में आयोजित समाधान शिविर में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अचानक ग्राम मदनपुर में उतरा, जिससे ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई। उन्होंने बिना पूर्व सूचना के शिविर में पहुंचकर न केवल जनता से संवाद किया, बल्कि समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हम आपके सेवक हैं और सरकार आपके द्वार आई है। सुशासन तिहार आम नागरिकों से संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे हम योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जान पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि तीसरे चरण के पहले दिन उन्हें ऊर्जाधानी कोरबा में आकर जनता से मिलने का अवसर मिला।
शिविर में उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याएं छिपाएं नहीं, बल्कि चिट्ठी के माध्यम से शासन को बताएं। सरकार प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

जनता की समस्याएं, तुरंत समाधान
समाधान शिविर में आए हजारों ग्रामीणों के बीच संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविरों के माध्यम से जो आवेदन आ रहे हैं, उनका प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। ग्राम मदनपुर के क्लस्टर में आए 3769 आवेदनों में से 29 शिकायतों से संबंधित थे, जिनका पूर्ण निराकरण किया जा चुका है।
सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां: विश्वास की मुहर
मुख्यमंत्री ने डेढ़ वर्ष की सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि मोदी की गारंटी को पूर्णतया निभाया गया है। इनमें शामिल हैं:
- धान खरीदी: 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी।
- धान बोनस: दो वर्षों का बकाया धान बोनस जारी।
- महतारी वंदन योजना: 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ, जिनके खातों में सीधे राशि जमा की गई।
- तेंदूपत्ता मजदूरी: प्रति मानक बोरा मजदूरी 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई।
- मुख्यमंत्री तीर्थ योजना: बुजुर्गों की आस्था को सम्मान देते हुए पुनः प्रारंभ की गई।
- रामलला दर्शन योजना: 22 हजार श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए गए।
ग्राम स्तर पर डिजिटल क्रांति: अटल डिजिटल सेवा केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को बैंक जैसी सुविधाएं गांव में ही मिल सकेंगी। इस सेवा के तहत 1460 पंचायतों को जोड़ा जा चुका है।
नामांतरण की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव
जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया स्वचालित रूप से शुरू होगी। इससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक दौड़धूप समाप्त होगी। नामांतरण अब एक घंटे से भी कम समय में संभव होगा।
हर जरूरतमंद को मिलेगा पीएम आवास
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पीएम आवास योजना में पात्रता के मानदंडों में ढील दी गई है। अब जिनके पास 5 एकड़ असिंचित या 2.5 एकड़ सिंचित भूमि है, दोपहिया वाहन है या 15 हजार तक की मासिक आमदनी है, वे भी लाभ के पात्र होंगे। केंद्रीय पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान लाखों आवास स्वीकृत किए जाएंगे।
कोरबा को विकास की नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के लिए भरपूर संसाधन उपलब्ध कराए हैं। कोरबा से पेंड्रा, धरमजयगढ़ रेललाइन जैसी बड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मंत्री और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री अचानक कोरबा आए और समाधान शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ज़मीन से जुड़ी हुई सरकार है जो धूप-छांव की परवाह किए बिना जनता के बीच रहती है।
मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, श्री प्रेमचंद पटेल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
जनता ने जताया संतोष, योजनाओं से बदली ज़िंदगी
समाधान शिविर में हितग्राहियों ने योजनाओं से अपने जीवन में आए बदलाव साझा किए। पीएम आवास की लाभार्थी श्रीमती राजनंदिनी डोंगरे ने बताया कि अब उन्हें पक्के घर की सुविधा मिली है। महतारी वंदन योजना की लाभार्थी श्रीमती रमाबाई पैकरा ने बताया कि उन्होंने योजना से मिली राशि अपनी बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश की है। किसान कन्हैयालाल ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड प्राप्त किया है और इसका प्रमाण पत्र भी मिल चुका है।
कलेक्टर ने बताया आवेदन और समाधान की स्थिति
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बताया कि पूरे जिले में अब तक 1,78,418 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनका निराकरण समाधान शिविरों के माध्यम से किया जा रहा है। डीएमएफ से विकास संबंधी मांगों को पूरा किया जाएगा। एसडीएम सुश्री सीमा पात्रे ने शिविर में आई शिकायतों का वाचन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह आकस्मिक दौरा न केवल प्रशासनिक सजगता का परिचायक बना, बल्कि यह भी सिद्ध हुआ कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने वादे को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए संकल्पित है।


