कोरबा की सड़कों पर गूंजा विरोध का स्वर: भाजयुमो ने किया कांग्रेस कार्यालय का घेराव, राहुल गांधी का पुतला फूंका, भ्रष्टाचार के खिलाफ हुंकार




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा की राजनीतिक फिजाओं में शुक्रवार को जबरदस्त उबाल देखा गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ हो रही ईडी की कार्रवाई के समर्थन में कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया।
सुबह 11 बजे टीपी नगर चौक से शुरू हुई यह रैली, नारों की गूंज और जोश के साथ जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे जनसैलाब में तब्दील होती गई। रैली ने कांग्रेस कार्यालय की ओर रुख किया और वहां पहुंचकर कांग्रेस पार्टी कार्यालय का घेराव किया गया। प्रदर्शनकारियों ने “राहुल गांधी मुर्दाबाद”, “सोनिया गांधी मुर्दाबाद” जैसे तीखे नारों के साथ राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
भाजयुमो का हमला: “लोकतंत्र नहीं, भ्रष्टाचार बचा रही कांग्रेस”
भाजयुमो नेताओं का कहना था कि कांग्रेस पार्टी “लोकतंत्र बचाओ” के नाम पर देश की जनता को गुमराह कर रही है, जबकि असलियत यह है कि गांधी परिवार पर आर्थिक अपराधों के गंभीर आरोप हैं।
नेताओं ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब जाग चुकी है और ऐसे कथित भ्रष्टाचारियों को माफ नहीं करेगी। यह प्रदर्शन जनता की आवाज़ है, गांधी परिवार के कथित आर्थिक घोटालों के खिलाफ जनाक्रोश का प्रतिबिंब है।
वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी ने भरा जोश
इस प्रदर्शन में भाजपा और भाजयुमो के कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनकी एकजुटता ने कार्यकर्ताओं में जोश और आत्मविश्वास भर दिया। मुख्य रूप से उपस्थित नेताओं में शामिल रहे:
- भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा
- कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत
- भाजयुमो जिलाध्यक्ष पंकज सोनी
- भाजपा पार्षद एवं जिला महामंत्री नरेंद्र देवांगन, अनूप यादव
- पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा
- भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, दिलेन्द्र यादव
- भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुभाष, अविनाश, प्रीति
- भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष रंजू, दिव्यांश, अनुराग
- प्रमुख कार्यकर्ता बृजेश यादव, दीनदयाल, राजा, बंटी साहू, पिंकू रंजन, मोंटी पटेल, पार्षद पंकज देवांगन, ईश्वर पटेल, मंगल राम, स्वाति कश्यप, अर्चना रूनिझा, चंदन सिंह, श्याम साहू भाजपा की अनेकों कार्यकर्ता रहे मौजूद
इन सभी ने मंच से अपने तीखे वक्तव्यों में कांग्रेस नेतृत्व को जमकर आड़े हाथों लिया और जनता से अपील की कि वह इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करे।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
नेशनल हेराल्ड केस की जड़ें 1937 में स्थापित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ी हैं, जिसने ‘नेशनल हेराल्ड’, ‘नवजीवन’ और ‘कौमी आवाज़’ जैसे समाचार पत्र प्रकाशित किए थे। आर्थिक तंगी के चलते जब यह संस्थान 2008 में बंद हुआ, तब कांग्रेस ने इसे 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया।
2010 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रमुख हिस्सेदारी वाली यंग इंडिया लिमिटेड ने सिर्फ 50 लाख रुपये में AJL का अधिग्रहण कर लिया। आरोप है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा जुटाई गई जनता की धनराशि का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया, जिससे गांधी परिवार को आर्थिक लाभ हुआ।
प्रदर्शन की खास बातें
- पूरे प्रदर्शन की सुदृढ़ व्यवस्था भाजयुमो द्वारा की गई थी।
- कार्यकर्ताओं के लिए शीतल पेय और जलपान की व्यवस्था रही।
- शांतिपूर्ण लेकिन प्रखर विरोध ने प्रशासन और जनता का ध्यान खींचा।
- बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने का उत्साह, विरोध की गंभीरता को दर्शाता रहा।
भाजयुमो का यह प्रदर्शन कोरबा में एक सशक्त राजनीतिक संदेश बनकर उभरा। इसने जहां कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया, वहीं यह भी दर्शाया कि युवाओं की नई पीढ़ी भ्रष्टाचार के खिलाफ अब चुप नहीं बैठने वाली। यह रैली एक चेतावनी थी – सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि परिवर्तन की ललकार।





