छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने की समीक्षा




भाजपा सरकार की मजबूत पहल से खनिज विकास को मिल रहा नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
देश के पहले लिथियम ब्लॉक का सफल आवंटन भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रतीक : केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ छत्तीसगढ़ में खनन और खनिज क्षेत्र को और अधिक प्रभावशाली व आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने मंत्रालय (महानदी भवन) में खनिज विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की। बैठक में भाजपा सरकार की नीतियों और नवाचारों की सराहना करते हुए दोनों नेताओं ने राज्य के खनिज विकास को देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रगति का आधार बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ को खनिज क्षेत्र में एक मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता देते हुए खनन नीति को आगे बढ़ा रही है।
केंद्रीय मंत्री श्री किशन रेड्डी ने कहा कि कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका और देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में आवंटित होना, भाजपा की दूरदर्शी सोच का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने में छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि मील का पत्थर साबित होगी।
बैठक के दौरान कटघोरा लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और चार लौह अयस्क ब्लॉकों के प्रीफर्ड बिडर आदेश सफल कंपनियों को सौंपे गए। साथ ही सामरिक महत्व के टिन खनिज के तीन ब्लॉकों के प्रतिवेदन भारत सरकार को सौंपे गए। उल्लेखनीय है कि ये सभी कार्य केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों के सहयोग से संभव हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि खनिज क्षेत्र के सतत विकास के लिए राज्य में खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग, और डीएमएफ फंड से समावेशी विकास जैसे कदम उठाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
श्री रेड्डी ने अपने दौरे के दौरान कोरबा की गेवरा कोयला खदान का निरीक्षण किया और जापानी मियावाकी तकनीक से किए गए वृक्षारोपण की सराहना की। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के तहत खनन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार पर बल दिया और कोयला परिवहन के लिए डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।


