“खनिज विकास में छत्तीसगढ़ को बनाएंगे राष्ट्रीय अगुवा, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नया कीर्तिमान रचेगी भाजपा सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायपुर, 11 अप्रैल 2025 – छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों के समुचित दोहन और आर्थिक प्रगति की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर जुड़ गया। भाजपा शासित छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के तालमेल से राज्य में खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने मंत्रालय, महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस दौरान देश के पहले लिथियम ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध और चार लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश सफल बोलीदाताओं को प्रदान किए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के साथ खनिज क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास का मजबूत आधार बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ की भूमिका निर्णायक होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा सरकार केंद्र से तालमेल बनाकर छत्तीसगढ़ को खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी। हमारी सरकार खनिज संसाधनों के जिम्मेदार और सतत उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है।”
केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला और टिन जैसे खनिजों के क्षेत्र में देश का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन के राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ का योगदान सराहनीय है और यह भाजपा की नीति और नीयत दोनों का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में खनन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग दे रही है। यहां की उपलब्धियां ‘आत्मनिर्भर भारत’ के अभियान को गति दे रही हैं।”
भाजपा सरकार की उपलब्धियां और प्रमुख पहलें:
- देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में 76.05% उच्चतम बोली के साथ माईकी साउथ माइनिंग प्रा. लि. को आवंटित।
- दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों में चार लौह अयस्क ब्लॉक्स आर्सेलर मित्तल, रूंगटा सन्स और सागर स्टोन को आवंटित।
- टिन जैसे सामरिक महत्व के खनिजों के लिए तीन नए ब्लॉक ई-नीलामी हेतु केंद्र सरकार को सौंपे गए।
- 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और GSDP का 11% है।
- खनिज विकास निधि से 720 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं, आदिवासी बहुल क्षेत्रों का समावेशी विकास।
- खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड-आधारित वाहन ट्रैकिंग, ई-नीलामी, स्टार रेटिंग, और डीएमएफ योजना के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा।
भाजपा की विकास दृष्टि का प्रमाण:
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं और राष्ट्रीय खनिज उत्पादन में 17% से अधिक योगदान देकर छत्तीसगढ़ देश में द्वितीय स्थान पर है। खनन क्षेत्र को गति देने वाले उपाय, जैसे गेवरा कोयला खदान में मियावाकी तकनीक और सौर ऊर्जा संयोजन, भाजपा सरकार के नवाचार और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खनिज संचालक श्री सुनील जैन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
निष्कर्ष:
भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त पहल से छत्तीसगढ़ खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की नई इबारत लिख रहा है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक समन्वय का प्रतीक थी, बल्कि यह भारत को खनिज महाशक्ति बनाने की दिशा में भाजपा सरकार की दूरदृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचायक भी रही।


