रामायण हमें सिखाती है विविधता में एकता और सद्भावना का पाठ – मनोज झा


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ करतला। विकासखंड के ग्राम पंचायत सन्डेल, फरसवानी एवं चिचोली में आयोजित अखंड नवधा रामायण कार्यक्रम में जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा ने भाग लिया। उन्होंने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्यों ने मनोज झा का शाल और श्रीफल से सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने अपने उद्बोधन में रामायण से प्राप्त जीवन शिक्षाओं और सामाजिक समरसता पर प्रकाश डाला।
रामायण बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने कहा कि रामायण सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि रामायण हमें सिखाती है कि कितनी भी शक्तिशाली बुराई क्यों न हो, अंततः सच्चाई और सद्गुणों की जीत होती है। रावण के अहंकार और अन्याय के कारण उसका विनाश हुआ, जबकि प्रभु श्रीराम ने धैर्य, संयम और धर्म का पालन कर बुराई पर विजय प्राप्त की।
रामायण से हमें समरसता और समानता की सीख मिलती है
मनोज झा ने कहा कि रामायण जात-पात और ऊंच-नीच से परे सामाजिक समरसता का संदेश देती है। प्रभु श्रीराम ने कभी भी किसी को छोटा-बड़ा नहीं समझा, उन्होंने वनवासियों, आदिवासियों, केवट, जटायु, शबरी, वानरों और भालुओं को भी अपने समान स्नेह और सम्मान दिया। यह हमें यह सिखाता है कि हर व्यक्ति समान होता है और सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।
रामायण हर युग में प्रासंगिक
मनोज झा ने कहा कि रामायण केवल पौराणिक कथा नहीं, बल्कि हर युग में प्रासंगिक है। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि संघर्ष के समय धैर्य रखना, बड़ों का सम्मान करना और धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्ची विजय दिलाता है।
गांववासियों की रही भारी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में गांव के अनेक गणमान्य नागरिक और समिति सदस्य शामिल हुए, जिनमें मयूर पारिक, संजू वैष्णव, तुलसी, चतुर कश्यप, धनंजय विझवार, सीताराम कश्यप, मगरचंद कश्यप, नन बूटवा राम, रहस राम, मणिशंकर कश्यप, खीक राम विझवार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया और समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भावना बनाए रखने का संदेश दिया।



