अवैध रेत खनन पर हाईकोर्ट सख्त, अब आरोपियों पर होगी FIR और कड़ी कानूनी कार्रवाई



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने प्रदेश में अवैध रेत खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल जुर्माना लगाकर खनन माफियाओं को छोड़ना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई आवश्यक है।
उच्च न्यायालय के सख्त निर्देश
✔ अवैध खनन में लिप्त लोगों पर अब FIR दर्ज होगी।
✔ केवल जुर्माना लगाकर छोड़ने की नीति को बंद करने के निर्देश।
✔ अवैध रेत खनन को “संज्ञेय अपराध” की श्रेणी में लाने की आवश्यकता पर जोर।
✔ राज्य सरकार की चार सदस्यीय समिति अन्य राज्यों में जाकर रोकथाम उपायों पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
✔ प्रदेश की नदियों में अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने का आदेश।
सख्त पैनल एक्शन की जरूरत
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से जुड़े लोग भारी मुनाफा कमा रहे हैं और मामूली जुर्माने को आसानी से चुका देते हैं। इस कारण बार-बार जुर्माना लगाकर छोड़ने की जगह अब कठोर दंडात्मक कार्रवाई (Panel Action) जरूरी है।
राज्य सरकार की ओर से गठित टीम
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो अन्य राज्यों का दौरा कर रेत खनन रोकने के प्रभावी उपायों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके अलावा, अरपा नदी में गंदे पानी को रोकने के लिए पुणे की एक कंपनी से डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करवाई जा रही है।
अवैध रेत खनन पर अब होगी सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि अवैध खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, मोटर व्हीकल एक्ट और माइनिंग एंड मिनरल एक्ट के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पर उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि रेत खनन को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाकर आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पूरे प्रदेश में निगरानी बढ़ाने के आदेश
हाईकोर्ट ने अरपा नदी के अलावा पूरे छत्तीसगढ़ में नदियों से हो रहे अवैध रेत खनन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि खनन माफियाओं पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे मासूमों की जान तक जा रही है।
उच्च न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अवैध खनन के कारण पहले भी कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन बच्चियां भी शामिल थीं।
अब होगी तगड़ी कार्रवाई, प्रशासन अलर्ट मोड पर
इस फैसले के बाद अब प्रदेश में अवैध खनन करने वालों पर तगड़ी कार्रवाई शुरू होगी। प्रशासन और पुलिस विभाग को हाईकोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद खनन माफियाओं पर लगाम लगती है या नहीं।



