February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा बीजापुर: ****/ पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें रितेश चंद्राकर को रायपुर एयरपोर्ट से, जबकि महेन्द्र रामटेके और दिनेश चंद्राकर को बीजापुर से पकड़ा गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना का मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर घेराबंदी की जा रही है।

घटना का विवरण

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि 1 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे पत्रकार मुकेश चंद्राकर लापता हो गए थे। उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने 2 जनवरी को बीजापुर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने मृतक की अंतिम लोकेशन के आधार पर 2 जनवरी को ही चट्टान पारा स्थित ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के बाड़े की तलाशी ली। 3 जनवरी को सुरेश चंद्राकर के बाड़े में स्थित एक सीमेंट से बंद किए गए सेप्टिक टैंक को खोला गया, जिसमें मुकेश चंद्राकर का शव मिला।

हत्या की वजह और खुलासा

पूछताछ में पता चला कि रितेश चंद्राकर और मुकेश चंद्राकर रिश्तेदार थे। 1 जनवरी की रात दोनों के बीच पारिवारिक विवाद को लेकर बहस हुई। इसके बाद रितेश चंद्राकर ने सुपरवाइजर महेन्द्र रामटेके के साथ मिलकर मुकेश चंद्राकर पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया और नए सिरे से सीमेंट फ्लोरिंग की गई।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए हैं और तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। फरार मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की संपत्तियों और बैंक खातों की जांच की जा रही है। सुरेश के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

SIT गठित: मामले की जांच के लिए एएसपी आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

IG का बयान: बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि हत्या के इस प्रकरण में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी।

ठेकेदार का अवैध निर्माण ध्वस्त: पुलिस और प्रशासन ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के अवैध रूप से बनाए गए बाड़े को भी ध्वस्त कर दिया है।

यह मामला न केवल पत्रकारिता जगत के लिए एक झटका है, बल्कि कानून-व्यवस्था की गंभीरता को भी दर्शाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और SIT की जांच से इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद है।

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