चेक बाउंस के मामले में अर्थ दंड के साथ कारावास की सजा, अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने की पैरवी



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा दीपिका थाना अंतर्गत ग्राम दुरैना निवासी भरत दास पिता फुल दास ने 21 दिसंबर 2016 को किराना दुकान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक दीपका शाखा से 1 लाख रुपए ऋण लिया था, जिसे चुकता करने के लिए इसके द्वारा बैंक को एक लाख 20 हजार रुपए का चेक दिया गया अब नहीं, व्यक्ति के बैंक खाते में पर्याप्त निधि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया जिसकी जानकारी बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा भरत दास को ऋण की राशि की जमा करने को कहा गया लेकिन उसने इसमें किसी प्रकार की रुचि नहीं दिखाई, जिस पर बैंक प्रबंधक के द्वारा अपने वकील के माध्यम से भरत दास को विधिक नोटिस भेजा गया,
बैंक प्रबंधक में अपने अधिवक्ता धनेश सिंह के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा की अदालत में वाद दायर कर दिया जिससे आरोपी से चेक में वर्णित राशि से दुगनी राशि एवं विधिक न्याय दिलाने जाने तथा आरोपी को विधि अनुसार दंडित किए जाने की अपील की गई,
याचिका पर अदालत में सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज दीक्षित में आरोपी भरत दास को चेक बाउंस की धारा 138 के मामले में दोषी मानते हुए अर्थ दंड के साथ 6 महीने की साधारण कारावास कि सजा सुनाई, साथ ही आरोपी द्वारा धारा 357 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार₹60000 प्रतिकार के रूप में परिवादी बैंक को देना होगा और उसके लिए एक माह का समय दिया गया अगर आरोपी बैंक को पैसा नहीं देता है तो उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा

